गुप्त नवरात्रि की दशमी पर सैंडिस कंपाउंड में संपन्न हुआ महालक्ष्मी पीताम्बरा यज्ञ; सनातन रक्षा वाहिनी के तत्वावधान में गूंजे वैदिक मंत्र, विश्व कल्याण और सुख-समृद्धि की कामना
भागलपुर, मुख्य संवाददाता: आध्यात्मिक और सांस्कृतिक नगरी भागलपुर में इन दिनों मां दुर्गा की उपासना के पावन पर्व 'गुप्त नवरात्रि' को लेकर शहर का माहौल पूरी तरह से भक्तिमय बना हुआ है। इसी आध्यात्मिक श्रृंखला के तहत गुप्त नवरात्रि की दशमी तिथि पर भागलपुर के ऐतिहासिक और प्रमुख स्थल सैंडिस कंपाउंड स्थित स्टेशन क्लब परिसर में एक भव्य धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया। 'सनातन रक्षा वाहिनी' के तत्वावधान में आयोजित यह अनुष्ठान अत्यंत धूमधाम, विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुआ। इस विशेष धार्मिक कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण महालक्ष्मी पीताम्बरा यज्ञ का समापन और पूर्णाहुति रहा, जिसमें भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों से आए सैंकड़ों श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और मां पीताम्बरा का आशीर्वाद प्राप्त किया।
क्या था इस भव्य अनुष्ठान का मुख्य उद्देश्य?
सनातन रक्षा वाहिनी के बैनर तले आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान और यज्ञ का मुख्य उद्देश्य मानव मात्र का कल्याण, समाज में शांति, आपसी सौहार्द और देश में सुख-समृद्धि की स्थापना करना था।
आयोजकों का मानना है कि गुप्त नवरात्रि के दौरान मां भगवती के विभिन्न स्वरूपों की आराधना करने से न केवल मानसिक शांति मिलती है, बल्कि नकारात्मक ऊर्जाओं का नाश होता है।
विशेष रूप से महालक्ष्मी पीताम्बरा यज्ञ का अनुष्ठान जीवन में आर्थिक स्थिरता, आरोग्य, और आध्यात्मिक उन्नति के लिए बेहद फलदायी माना जाता है।
दशमी तिथि के पावन अवसर पर आयोजित इस यज्ञ की पूर्णाहुति के साथ ही पूरे क्षेत्र का वातावरण पूरी तरह से पवित्र और ऊर्जावान हो उठा।
वैदिक मंत्रोच्चार और हवन से गूंजा स्टेशन क्लब परिसर
गुप्त नवरात्रि की दशमी के दिन सुबह से ही सैंडिस कंपाउंड स्थित स्टेशन क्लब परिसर में श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया था। यज्ञ मंडप को बेहद आकर्षक फूलों, आम के पत्तों और रंग-बिरंगी लाइटों से भव्य तरीके से सजाया गया था।
विद्वान पंडितों द्वारा अनुष्ठान: वाराणसी और स्थानीय स्तर के प्रकांड विद्वान पंडितों व आचार्यों के देखरेख में पूरे विधि-विधान के साथ हवन और पूजन कार्य संपन्न कराया गया।
यज्ञ में आहुतियां: वैदिक मंत्रों की गूंज के बीच श्रद्धालुओं ने बारी-बारी से यज्ञ कुंड में घृत, स्वाहा और विभिन्न औषधियों की आहुतियां दीं।
भक्तिमय माहौल: ढोल-मंजीरों, शंखनाद और घंटे-घड़ियालों की आवाज से पूरा परिसर गूंज उठा, जिससे उपस्थित हर एक भक्त की आंखें श्रद्धा और भक्ति से भर गईं।
सनातन रक्षा वाहिनी के पदाधिकारियों और संतों की गरिमामयी उपस्थिति
इस धार्मिक अनुष्ठान को सफल बनाने में सनातन रक्षा वाहिनी के सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने दिन-रात मेहनत की। संगठन के प्रमुख सदस्यों ने बताया कि सनातन संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखने तथा युवा पीढ़ी को अपनी आध्यात्मिक जड़ों से जोड़ने के लिए ऐसे आयोजनों का होना बेहद आवश्यक है।
कार्यक्रम के दौरान कई प्रतिष्ठित संत, महात्मा और सामाजिक कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे, जिन्होंने अपने प्रवचनों के माध्यम से धर्म और कर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
वक्ताओं ने कहा कि गुप्त नवरात्रि साधना का पर्व है और इस प्रकार के यज्ञ हमारे समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।
महाप्रसाद वितरण और श्रद्धालुओं की भारी भीड़
यज्ञ की पूर्णाहुति और विशेष आरती के पश्चात परिसर में भव्य महाप्रसाद का वितरण किया गया, जिसे ग्रहण करने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु कतारबद्ध होकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। अनुशासन और भक्ति का यह अद्भुत नजारा देखने लायक था। महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं सभी में इस आयोजन को लेकर अभूतपूर्व उत्साह देखा गया। लोगों ने इस सफल आयोजन के लिए सनातन रक्षा वाहिनी की पूरी टीम का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी ऐसे धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन की कामना की।
भागलपुर के सैंडिस कंपाउंड स्थित स्टेशन क्लब परिसर में संपन्न हुआ यह महालक्ष्मी पीताम्बरा यज्ञ और धार्मिक अनुष्ठान केवल एक धार्मिक कर्मकांड तक सीमित नहीं था, बल्कि यह सनातन संस्कृति की उस अटूट परंपरा का प्रतीक है जो समाज को एकजुट करती है। गुप्त नवरात्रि की दशमी तिथि पर हुए इस भव्य आयोजन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि भागलपुर की धरती पर आस्था और विश्वास की जड़ें कितनी गहरी हैं। इस आयोजन से शहर का कोना-कोना भक्ति के रंग में रंग गया और हर भक्त के मन में एक नई सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ।