कांवरिया मार्ग पर नालों की सफाई से बढ़ी परेशानी, बाबा गरीबनाथ मंदिर और डीएन हाईस्कूल क्षेत्र में हालात खराब
बिहार के मुजफ्फरपुर शहर में सावन के पवित्र महीने और कांवरिया यात्रा के दौरान व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के दावे अक्सर प्रशासनिक स्तर पर किए जाते हैं, लेकिन धरातल पर कई बार स्थिति इसके विपरीत नजर आती है। वर्तमान में शहर के मुख्य कांवरिया मार्ग पर चल रहे नालों की सफाई के कारण श्रद्धालुओं और स्थानीय आम नागरिकों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। खासकर प्रसिद्ध बाबा गरीबनाथ मंदिर के आसपास और डीएन हाईस्कूल क्षेत्र में नालों की गंदगी सड़कों पर फैल जाने से स्थिति बेहद बदतर हो गई है, जिससे शिव भक्तों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
मुख्य बिंदु: कांवरिया मार्ग पर बदहाली और गंदगी
सावन महीने के दौरान मुजफ्फरपुर में दूर-दूर से कांवड़िए बाबा गरीबनाथ को जल अर्पण करने के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में प्रमुख कांवरिया मार्गों का साफ-सुथरा रहना अत्यंत आवश्यक होता है।
नाले की गंदगी का सड़कों पर फैलाव: सफाई अभियान के नाम पर नालों से गाद (सिल्ट) निकालकर सड़कों के किनारे ही छोड़ दी गई है, जो दोबारा बहकर या बिखरकर पूरे रास्ते में फैल गई है।
असहनीय दुर्गंध: फैली हुई गंदगी और कचरे के कारण पूरे इलाके में भीषण दुर्गंध उठ रही है, जिससे पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय दुकानदारों का सांस लेना भी मुहाल हो गया है।
कीचड़ और फिसलन: मार्ग पर जलभराव और कीचड़ के कारण लोगों का चलना दूभर हो गया है। कई कांवरिया और राहगीर फिसलकर चोटिल भी हो चुके हैं।
बाबा गरीबनाथ मंदिर और डीएन हाईस्कूल क्षेत्र की स्थिति
इस प्रशासनिक लापरवाही का सबसे बुरा असर शहर के दो सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्थलों पर देखने को मिल रहा है:
बाबा गरीबनाथ मंदिर के पास: मंदिर के आसपास रोजाना हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। इस पवित्र स्थल के ठीक पास गंदगी का अंबार और कीचड़युक्त रास्ते होने के कारण शिव भक्तों में भारी रोष देखा जा रहा है। कांवरियों को पूजा-अर्चना के लिए मंदिर तक पहुंचने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।
डीएन हाईस्कूल क्षेत्र: डीएन हाईस्कूल के आसपास का इलाका भी इस सफाई व्यवस्था की पोल खोल रहा है। यहां नाले का गंदा पानी और कचरा मुख्य मार्ग पर फैल जाने से स्कूली बच्चों और आम राहगीरों को भी रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासनिक दावों की पोल और लापरवाही
नगर निगम और स्थानीय प्रशासन द्वारा सावन से पहले शहर की सफाई और जल निकासी के पुख्ता दावे किए गए थे, लेकिन वर्तमान स्थिति उन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है।
समय और योजना की कमी: जानकारों और स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह सफाई कार्य सावन शुरू होने से काफी पहले पूरा कर लिया जाता या निकाली गई सिल्ट का तुरंत उठाव कर लिया जाता, तो आज यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
उठाव न होना: नालों की सफाई तो कर दी गई, लेकिन समय पर कचरा उठाने वाले वाहन न पहुंचने के कारण वह गंदगी वहीं सड़कों पर सड़ रही है, जो प्रशासनिक सुस्ती को दर्शाती है।
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का आक्रोश
इस विकट परिस्थिति को लेकर स्थानीय निवासियों, दुकानदारों और कांवरियों में प्रशासन के प्रति गहरा असंतोष व्याप्त है।
स्वास्थ्य का खतरा: इस खुले में पड़ी गंदगी और सड़ रही सिल्ट के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है और संक्रामक बीमारियों फैलने का खतरा भी मंडराने लगा है।
त्वरित कार्रवाई की मांग: लोगों ने जिला प्रशासन और नगर निगम से पुरजोर मांग की है कि बाबा गरीबनाथ मंदिर और कांवरिया मार्ग से तत्काल इस गंदगी का उठाव किया जाए तथा रास्तों की धुलाई करवाकर उन्हें आवागमन के योग्य बनाया जाए।
मुजफ्फरपुर में कांवरिया मार्ग पर नालों की सफाई के नाम पर फैली इस अव्यवस्था ने एक बार फिर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ जहां कांवरिए अपनी आस्था के साथ बाबा गरीबनाथ के दर्शन के लिए आ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक लापरवाही उन्हें भारी कठिनाइयों में डाल रही है। समय रहते यदि इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है।