पीरपैंती में हर्षोल्लास और कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण संपन्न हुआ चेहल्लुम का पर्व

पीरपैंती (संवाद सूत्र): बिहार के भागलपुर जिले के अंतर्गत आने वाले ऐतिहासिक पीरपैंती प्रखंड क्षेत्र में हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मनाया जाने वाला पवित्र पर्व 'चेहल्लुम' इस वर्ष अत्यंत पारंपरिक उत्साह, धार्मिक सौहार्द और चाक-चौबंद प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था के बीच धूमधाम से संपन्न हुआ। पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से निपटने के लिए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। थानाध्यक्ष पंकज रावत की सीधी निगरानी और पुलिस बल की कड़ी सुरक्षा के साये में एक नंबर इमामबाड़ा से पारंपरिक अखाड़ा जुलूस निकाला गया। इस दौरान युवाओं और उस्तादों ने अपने हैरतअंगेज पारंपरिक खेल-करतबों से सभी का मन मोह लिया और क्षेत्र में गंगा-जमुनी तहजीब की एक बेहतरीन मिसाल देखने को मिली।

अकीदत और उत्साह का संगम: एक नंबर इमामबाड़ा से निकला अखाड़ा

चेहल्लुम के अवसर पर सुबह से ही पीरपैंती के विभिन्न इलाकों में खासा उत्साह देखा गया। मुस्लिम समुदाय के लोगों के साथ-साथ अन्य समुदायों के नागरिकों ने भी इस आयोजन में भाईचारे का परिचय दिया:

नये मोजावर तस्लीम के नेतृत्व में हैरतअंगेज करतब: इस वर्ष चेहल्लुम के मौके पर नए मोजावर तस्लीम की देखरेख में पारंपरिक कला और करतबों का प्रदर्शन किया गया। उनके नेतृत्व में युवाओं की टोली ने लाठी, तलवार, भाला और अन्य पारंपरिक हथियारों के साथ शानदार और साहसिक खेल-करतब दिखाए।

या हुसैन की सदाओं से गूंजा इलाका: जुलूस में शामिल लोग 'या हुसैन' और 'या अली' के नारों के साथ मातम और अखाड़े की धुनों पर आगे बढ़ रहे थे। जुलूस के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम होने के कारण लोगों ने पूरी श्रद्धा और अनुशासन के साथ इस धार्मिक अनुष्ठान को पूरा किया।

प्रशासनिक मुस्तैदी: थानाध्यक्ष पंकज रावत खुद रहे मुस्तैद

शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस प्रशासन के लिए बड़ी प्राथमिकता होती है। पीरपैंती में चेहल्लुम जुलूस के दौरान पुलिस की सक्रियता देखते ही बनती थी:

थानाध्यक्ष की लगातार गश्त: पीरपैंती थाना के थानाध्यक्ष पंकज रावत पुलिस बल और मजिस्ट्रेट के साथ पूरे जुलूस मार्ग पर लगातार मुस्तैद नजर आए। वे खुद जुलूस के आगे-पीछे चलकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे थे और हर एक गतिविधि पर पैनी नजर रखे हुए थे।

संवेदनशील बिंदुओं पर पुलिस बल तैनात: प्रशासन की ओर से किसी भी प्रकार की अफवाह या असामाजिक तत्वों की हरकतों को रोकने के लिए बाजार और संवेदनशील चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल और पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई थी। पुलिस की इस मुस्तैदी के कारण पूरा पर्व बिना किसी व्यवधान के शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया।

सांप्रदायिक सौहार्द और आपसी भाईचारे की मिसाल

पीरपैंती में चेहल्लुम का यह आयोजन केवल एक धार्मिक पर्व तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने क्षेत्र में आपसी भाईचारे और सामाजिक सद्भाव को और अधिक मजबूत किया:

स्थानीय लोगों का सहयोग: क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों, दुकानदारों और युवाओं ने जुलूस में शामिल लोगों का स्वागत किया और व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस प्रशासन का पूरा सहयोग किया।

सांस्कृतिक और पारंपरिक महत्व: इस प्रकार के आयोजन ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में सदियों से चली आ रही सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखते हैं, जहां हर धर्म के लोग एक-दूसरे के त्योहारों का सम्मान करते हैं।

पीरपैंती में चेहल्लुम का उत्सव शांतिपूर्ण, भव्य और अनुशासित माहौल में संपन्न होना स्थानीय प्रशासन की कार्यक्षमता और आम जनता के सहयोग का एक बेहतरीन उदाहरण है। थानाध्यक्ष पंकज रावत के नेतृत्व में पुलिस बल की चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था और नए मोजावर तस्लीम के निर्देशन में हुए पारंपरिक खेल-करतबों ने इस आयोजन को यादगार बना दिया। यह पर्व एक बार फिर यह संदेश दे गया कि एकता और अनुशासन से हर बड़े आयोजन को सुरक्षित और सफल बनाया जा सकता है।