पीरपैंती में जलजमाव से त्राहिमाम; प्रशासन की त्वरित पहल से वार्ड 7 में जेसीबी से दुरुस्त हुई सड़क, प्रखंड प्रमुख और अधिकारियों ने लिया मौके का जायजा

भागलपुर/पीरपैंती, कार्यालय संवाददाता: मानसून के मौसम में और जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण ग्रामीण तथा अर्ध-शहरी इलाकों में जलजमाव की समस्या आम लोगों के लिए एक गंभीर अभिशाप बनती जा रही है। ऐसा ही एक गंभीर मामला भागलपुर जिले के पीरपैंती प्रखंड क्षेत्र से सामने आया है, जहां लंबे समय से जलजमाव और कीचड़युक्त सड़कों के कारण आम जनता और राहगीरों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन हरकत में आया और प्रशासनिक अमले ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। इसी कड़ी में पीरपैंती के वार्ड संख्या 7 में युद्धस्तर पर कार्रवाई करते हुए जेसीबी मशीन के माध्यम से सड़क को दुरुस्त कराया गया। इस दौरान प्रखंड प्रमुख और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वयं जलजमाव वाले स्थलों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और स्थानीय लोगों को इस समस्या से स्थायी राहत दिलाने का भरोसा दिया।

जलजमाव से उत्पन्न हुई थी नारकीय स्थिति

पीरपैंती प्रखंड के विभिन्न वार्डाें और खासकर वार्ड संख्या 7 में जलजमाव की समस्या ने विकराल रूप धारण कर लिया था:

कीचड़ और जलभराव का दलदल: नालियों का गंदा पानी और बारिश का जल निकासी के अभाव में सीधे सड़कों पर फैल गया था, जिसके चलते पूरी सड़क कीचड़ और पानी के दलदल में तब्दील हो चुकी थी।

आम जनजीवन अस्त-व्यस्त: इस रास्ते से गुजरने वाले स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। पैदल चलना तो दूर, दोपहिया वाहनों का चलना भी इस मार्ग पर असंभव सा हो गया था। स्थानीय निवासियों का घरों से बाहर निकलना तक दूभर हो चुका था, जिससे लोगों में स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रति गहरा आक्रोश पनप रहा था।

प्रशासन की नींद टूटी: प्रखंड प्रमुख और अधिकारियों का औचक निरीक्षण

जब स्थानीय लोगों की शिकायतें और क्षेत्र की बदतर तस्वीरें प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंचती हैं, तो प्रशासन ने बिना किसी विलंब के मौके पर मोर्चा संभालने का निर्णय लिया:

मौके पर पहुंचे अधिकारी: पीरपैंती के प्रखंड प्रमुख और अन्य संबंधित प्रशासनिक अधिकारी भारी दल-बल के साथ सीधे वार्ड 7 के उस हिस्से में पहुंचे जहां जलजमाव और सड़क की स्थिति सबसे ज्यादा दयनीय थी।

स्थिति का प्रत्यक्ष अवलोकन: अधिकारियों ने मौके पर खड़े होकर खुद देखा कि किस प्रकार जलभराव के कारण लोगों का जीवन नर्क बन गया है। प्रखंड प्रमुख ने स्थानीय नागरिकों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वासन दिया कि प्रशासन इस परेशानी को और अधिक बर्दाश्त नहीं करेगा।

जेसीबी का इस्तेमाल कर सड़क की मरम्मत और जल निकासी का प्रयास

समस्या के तत्काल समाधान के लिए प्रशासन ने मौके पर ही रणनीति तैयार की और युद्धस्तर पर कार्य शुरू कराया:

जेसीबी की एंट्री: जलजमाव और उबड़-खाबड़ कीचड़ भरी सड़क को तुरंत ठीक करने के लिए जेसीबी मशीन बुलाई गई। जेसीबी की मदद से सड़क के किनारे मलबे और पानी के बहाव को रोक रहे अवरोधों को हटाया गया।

सड़क को किया गया दुरुस्त: जेसीबी के माध्यम से जलजमाव वाले मुख्य मार्ग को समतल किया गया और मिट्टी-बालू डालकर आवागमन के लायक बनाया गया। इसके साथ ही, पानी की निकासी के लिए तात्कालिक वैकल्पिक नाले जैसी व्यवस्था बनाने के निर्देश भी दिए गए, ताकि जमा हुआ पानी तेजी से बाहर निकल सके।

स्थानीय जनता की प्रतिक्रिया और राहत की सांस

प्रशासन और प्रखंड प्रमुख की इस त्वरित कार्रवाई से वार्ड 7 के निवासियों ने काफी हद तक राहत की सांस ली है:

ग्रामीणों का बयान: स्थानीय लोगों ने बताया कि कई दिनों से वे इस नारकीय जीवन को जीने के लिए विवश थे, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों के इस प्रकार जमीनी स्तर पर उतरकर जेसीबी से सड़क ठीक कराने की पहल सराहनीय है।

स्थायी समाधान की मांग: हालांकि ग्रामीणों ने यह भी मांग की कि केवल तात्कालिक मरम्मती से काम नहीं चलेगा, बल्कि इस इलाके में जलजमाव की समस्या से हमेशा के लिए निजात पाने के लिए पक्की नाली और सड़क का निर्माण बहुत जरूरी है। अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया है कि जल्द ही योजनाबद्ध तरीके से पक्की नालियों का निर्माण कराया जाएगा।

पीरपैंती के वार्ड 7 में जलजमाव की समस्या के खिलाफ प्रशासन द्वारा उठाया गया यह कदम और प्रखंड प्रमुख की मौजूदगी में जेसीबी से सड़क को दुरुस्त कराना यह दर्शाता है कि जब जनप्रतिनिधि और अधिकारी जनहित के मुद्दों पर सक्रिय होते हैं, तो जटिल समस्याओं का समाधान भी तेजी से होता है। यह पहल न केवल तात्कालिक रूप से राहत देने वाली है, बल्कि यह प्रशासन की जवाबदेही को भी मजबूत करती है।