मायागंज अस्पताल की फोटो ओपीडी में मची अफरा-तफरी; महिला मरीज और महिला गार्ड के बीच जमकर हुई हाथापाई और मारपीट, इलाज कराने आए लोग सहमे

भागलपुर, मुख्य संवाददाता: बिहार के भागलपुर स्थित जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल (मायागंज अस्पताल) आए दिन किसी न किसी विवाद को लेकर सुर्खियों में बना रहता है। इसी कड़ी में अस्पताल के फोटो ओपीडी (Photo OPD) परिसर में एक बार फिर अराजकता और हंगामे की तस्वीर सामने आई है। ओपीडी पर्ची कटाने और कतार में खड़े होने को लेकर एक महिला मरीज और वहां तैनात एक महिला सुरक्षा गार्ड (गार्ड) के बीच तीखी नोकझोंक इतनी बढ़ गई कि दोनों के बीच जमकर मारपीट शुरू हो गई। ओपीडी के भीतर हुई इस अचानक भिड़ंत से वहां मौजूद अन्य मरीजों, तीमारदारों और चिकित्सा कर्मियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन और सुरक्षा बलों में हड़कंप मच गया।

क्या है पूरा मामला? कैसे शुरू हुआ विवाद?

प्रत्यक्षदर्शियों और ओपीडी में मौजूद अन्य लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा विवाद कतार में खड़े होने और अपनी बारी पहले आने को लेकर शुरू हुआ था:

पर्ची काउंटर और कतार का विवाद: बताया जा रहा है कि संबंधित महिला मरीज अपनी जांच और इलाज के लिए फोटो ओपीडी में पहुंची थी। काउंटर पर लंबी कतार लगी हुई थी। आरोप है कि महिला मरीज कथित तौर पर लाइन तोड़कर या अपनी बारी से पहले अंदर जाने का प्रयास कर रही थी।

गार्ड द्वारा टोकने पर भड़की बात: मौके पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात महिला सुरक्षा गार्ड ने जब उसे नियम का हवाला देते हुए कतार में पीछे खड़े होने या अपनी बारी का इंतजार करने को कहा, तो दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते बहस इतनी आक्रामक हो गई कि दोनों के बीच तीखी झड़प और हाथापाई शुरू हो गई।

ओपीडी परिसर में मची चीख-पुकार, तमाशबीन बने लोग

मारपीट की इस घटना के दौरान फोटो ओपीडी का माहौल कुछ ही मिनटों में रणक्षेत्र में तब्दील हो गया:

धक्का-मुक्की और बाल पकड़कर खींचे: दोनों महिलाओं के बीच हुई हाथापाई के दौरान वहां भारी हंगामा हुआ। ओपीडी में इलाज कराने आए दूर-दूर के ग्रामीण मरीज और उनके परिजन इस घटना को देखकर सहम गए। कई लोग बीच-बचाव करने की कोशिश करते दिखे, लेकिन गुस्से में दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आक्रामक बने रहे।

इलाज के लिए आए अन्य मरीज हुए परेशान: इस हंगामे के कारण कुछ समय के लिए फोटो ओपीडी की चिकित्सकीय सेवाएं भी बाधित हो गईं। डॉक्टर के चैंबर के बाहर खड़े अन्य जरूरतमंद मरीज इलाज के लिए परेशान होते रहे। अस्पताल के सुरक्षा मानकों पर भी इस घटना के बाद गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।

अस्पताल प्रबंधन और पुलिस की त्वरित कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही ओपीडी में तैनात अन्य सुरक्षाकर्मी और अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे:

मामले को शांत कराया गया: अस्पताल के सुरक्षा गार्डों और वहां मौजूद अन्य लोगों की मदद से दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर अलग किया गया और स्थिति को नियंत्रण में लाया गया।

अधिकारियों का बयान: अस्पताल प्रशासन के अधिकारियों ने इस घटना पर दुख जताते हुए कहा कि ओपीडी जैसे संवेदनशील और सार्वजनिक स्थल पर इस तरह का अनुशासनहीन व्यवहार कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले की जांच की जा रही है कि आखिर किसकी गलती थी। यदि गार्ड की लापरवाही या दुर्व्यवहार पाया जाता है, तो उस पर भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और मरीज पक्ष की ओर से भी अनुशासन तोड़ने पर उचित कदम उठाया जाएगा।

मायागंज अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था और व्यवस्थाओं पर फिर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर मायागंज अस्पताल की आंतरिक व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधों की पोल खोल दी है:

भीड़ नियंत्रण की चुनौती: प्रतिदिन हजारों की संख्या में मरीज इलाज के लिए मायागंज अस्पताल पहुंचते हैं। कई विभागों में भीड़ इतनी अधिक होती है कि मरीजों और सुरक्षाकर्मियों के बीच अक्सर तनाव की स्थिति बनी रहती है।

काउंसलिंग और संयम की जरूरत: बुद्धिजीवियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल प्रशासन को सुरक्षा गार्डों को इस बात का विशेष प्रशिक्षण देना चाहिए कि वे मरीजों और उनके परिजनों के साथ कैसे संयम से पेश आएं। वहीं, आने वाले आम नागरिकों को भी अस्पताल के नियमों का पालन करना चाहिए ताकि इस तरह की शर्मनाक घटनाओं से बचा जा सके।

मायागंज अस्पताल की फोटो ओपीडी में महिला मरीज और महिला गार्ड के बीच हुई यह मारपीट की घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। स्वास्थ्य सेवाओं जैसे पवित्र स्थल पर इस प्रकार का विवाद यह सोचने पर मजबूर करता है कि मरीजों और सुरक्षाकर्मियों के बीच आपसी संवाद और धैर्य में कितनी कमी आ गई है। प्रशासन को इस मामले की निष्पक्ष जांच कर सख्त कदम उठाने चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और अस्पताल आने वाले आम मरीजों को शांतिपूर्ण माहौल मिल सके।