बैजानी में किसान के खेत से समरसेबल बोरिंग मशीन चोरी, पाइप भी तोड़ा; सूचना के एक घंटे बाद पहुंची बाईपास थाना पुलिस, ग्रामीणों में रोष

जिले के बाईपास थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बैजानी इलाके में चोरों का दुस्साहस इस कदर बढ़ गया है कि अब वे किसानों की आजीविका के साधनों को भी निशाना बनाने से नहीं हिचक रहे हैं। बैजानी में रविवार की देर रात अज्ञात चोरों ने एक किसान के खेत में लगी कीमती समरसेबल बोरिंग मशीन (Submersible Pump) पर हाथ साफ कर दिया। चोर न केवल मशीन उखाड़ ले गए, बल्कि उन्होंने खेत में लगे कीमती पाइप और अन्य सिंचाई उपकरणों को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त (तैयार ढांचा नष्ट) कर दिया।

इस घटना से पीड़ित किसान को हजारों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है, वहीं दूसरी ओर खेती के इस पीक सीजन (खरीफ सीजन) में सिंचाई का साधन छिन जाने से उसके सामने फसलों को बचाने का संकट खड़ा हो गया है। घटना के बाद स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं; पीड़ित द्वारा तुरंत फोन पर सूचना दिए जाने के बावजूद बाईपास थाना पुलिस करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुंची, जिससे ग्रामीणों और किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

 घटना की पृष्ठभूमि: खरीफ सीजन के बीच किसान पर वज्रपात

बैजानी निवासी पीड़ित किसान ने बताया कि इन दिनों खेतों में खरीफ फसल (धान) की रोपनी और बिचड़े की सिंचाई का काम जोरों पर चल रहा है। मानसून की बेरुखी और बारिश की अनिश्चितता के कारण वह पूरी तरह से अपने खेत में स्थापित समरसेबल बोरिंग मशीन पर ही निर्भर था।

रविवार की शाम वह रोजाना की तरह अपने खेत की सिंचाई करने के बाद बोरिंग कक्ष को सुरक्षित बंद करके घर लौटा था। देर रात जब पूरा गांव सो रहा था, तभी सुनसान इलाके का फायदा उठाकर शातिर चोरों का गिरोह उसके खेत में दाखिल हुआ। चोरों ने बड़ी चालाकी से बोरिंग यूनिट का ताला तोड़ा और जमीन के नीचे से समरसेबल पंप (मशीन) को बाहर खींच लिया।

 केवल चोरी नहीं, बर्बरता भी: पाइप को किया क्षतिग्रस्त

चोरों का मकसद केवल कीमती मोटर और मशीन चुराना नहीं था, बल्कि उन्होंने खेत के सिंचाई तंत्र को भी भारी नुकसान पहुंचाया।

पाइप लाइनों को तोड़ा: मशीन को बाहर निकालने की आपाधापी में चोरों ने बोरिंग से जुड़े मुख्य पीवीसी (PVC) और लोहे के पाइपों को कुल्हाड़ी या किसी भारी औजार से काटकर क्षतिग्रस्त कर दिया।

केबल वायर भी ले गए: चोर मोटर के साथ-साथ कई मीटर लंबा कीमती कॉपर केबल वायर (विद्युत तार) भी काटकर अपने साथ समेट ले गए।

हजारों का नुकसान: पीड़ित किसान के अनुसार, नई मशीन, पाइप की मरम्मत और केबल को मिलाकर उसे लगभग 45,000 से 50,000 रुपये का सीधा फटका लगा है। इस सीजन में जब खाद और बीज के लिए पैसों की सख्त जरूरत है, ऐसे में मशीन चोरी होना उसके लिए किसी वज्रपात से कम नहीं है।

 पुलिस की सुस्ती: सूचना के एक घंटे बाद पहुंची बाईपास थाना पुलिस

इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा और नाराजगी बाईपास थाना पुलिस की सुस्त कार्यप्रणाली को लेकर है। सोमवार की सुबह जब किसान अपने खेत पर पहुंचा, तो वहां का नजारा देखकर उसके होश उड़ गए। उसने तुरंत गांव के अन्य लोगों को इकट्ठा किया और इसकी जानकारी मोबाइल फोन के जरिए सीधे बाईपास थाना प्रभारी को दी।

समय पर नहीं मिली मदद: ग्रामीणों का आरोप है कि थाना क्षेत्र के भीतर ही घटना होने के बावजूद पुलिस की गश्ती गाड़ी या कोई अधिकारी तुरंत मौके पर नहीं पहुंचा।

एक घंटे की देरी: पीड़ित द्वारा लगातार गुहार लगाने के करीब एक घंटे बाद पुलिस की एक टीम घटनास्थल पर जांच के लिए पहुंची।

चोरों को भागने का मिला मौका: ग्रामीणों का कहना है कि अगर पुलिस सूचना मिलते ही तुरंत नाकेबंदी करती या त्वरित कार्रवाई (Quick Response) दिखाती, तो शायद चोरों का कोई सुराग मिल सकता था या वे आसपास के रास्तों पर पकड़े जा सकते थे। पुलिस की इस कछुआ चाल से बैजानी के किसानों का भरोसा कानून व्यवस्था से डगमगा रहा है।

 चोरों के निशाने पर किसान: ग्रामीण इलाकों में गश्ती बढ़ाने की मांग

बैजानी और आसपास के बाईपास थाना क्षेत्रों में यह कोई पहला मामला नहीं है। स्थानीय किसानों का कहना है कि रात के समय खेतों की सुरक्षा करना उनके लिए मुमकिन नहीं होता और पुलिस की गश्ती केवल मुख्य सड़कों और हाईवे (NH) तक ही सीमित रहती है।

ट्रांसफार्मर और मोटर की चोरी: पिछले कुछ महीनों में इस इलाके के अलग-अलग खेतों से बिजली के तार, छोटे पंपिंग सेट और ट्रांसफार्मर से तेल चोरी होने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं।

नशेड़ियों का जमावड़ा: ग्रामीणों ने शिकायत की है कि रात के समय खेतों के आसपास और सुनसान बहियार (ग्रामीण इलाकों) में स्मैक और अन्य नशा करने वाले असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। यही लोग देर रात ऐसी चोरियों को अंजाम देते हैं।

 पुलिस का पक्ष और कानूनी कार्रवाई

देर से पहुंचने के आरोपों के बीच बाईपास थाना पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर पीड़ित किसान का आवेदन स्वीकार कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की छानबीन की जा रही है और अज्ञात चोरों के खिलाफ चोरी की धाराओं में मामला दर्ज किया जा रहा है। थाना पुलिस ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि जल्द ही कबाड़खानों और संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर चोरों को दबोच लिया जाएगा और चोरी गई समरसेबल मशीन बरामद कर ली जाएगी। साथ ही, अब से ग्रामीण इलाकों के आंतरिक रास्तों पर भी रात में पुलिस गश्ती को प्रभावी बनाया जाएगा।

घटना और लापरवाही का संक्षिप्त विवरण (At a Glance)

विषय / पैरामीटरमुख्य तथ्य
घटनास्थलबैजानी, बाईपास थाना क्षेत्र, भागलपुर
घटना का समयरविवार की देर रात
चोरी गई संपत्तिकीमती समरसेबल बोरिंग मशीन एवं कॉपर केबल वायर
किया गया नुकसानमुख्य सिंचाई पाइप लाइनों को बुरी तरह तोड़ा और काटा गया
पुलिस की सुस्तीसूचना देने के एक घंटे बाद पहुंची बाईपास थाना पुलिस
वर्तमान स्थितिपुलिस मामले की जांच में जुटी, किसानों में भारी असंतोष

खेती-किसानी वैसे ही मौसम की मार और आर्थिक तंगी के कारण घाटे का सौदा साबित हो रही है, उस पर से चोरों द्वारा इस तरह समरसेबल मशीन चुरा लेना और पाइप तोड़ देना किसी भी किसान की कमर तोड़ने के लिए काफी है। इस घटना ने बाईपास थाना पुलिस की 'क्विक रिस्पांस टीम' (QRT) और रात्रिकालीन गश्ती के दावों की पोल खोल दी है। यदि पुलिस सूचना मिलने के एक घंटे बाद पहुंचेगी, तो अपराधियों के हौसले बुलंद होना लाजिमी है। जरूरत है कि प्रशासन बैजानी के पीड़ित किसान को उचित मुआवजा दिलाए और क्षेत्र में पुलिस की गश्ती को केवल हाईवे तक सीमित न रखकर खेतों और ग्रामीण रास्तों तक विस्तृत किया जाए, ताकि देश का पेट भरने वाला अन्नदाता चैन की नींद सो सके।