पीरपैंती के हरिनकोल पंचायत स्थित हीरानंद गांव में आपसी विवाद के चलते खूनी संघर्ष; हिंसक झड़प में महिला गंभीर रूप से जख्मी, एक बच्चा भी चोटिल
भागलपुर, विशेष संवाददाता: बिहार के भागलपुर जिले के अंतर्गत आने वाले पीरपैंती प्रखंड से एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीरपैंती थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली हरिनकोल पंचायत के हीरानंद गांव में आपसी विवाद और पुरानी रंजिश ने एक बार फिर हिंसक रूप ले लिया। मिली विस्तृत जानकारी के अनुसार, गांव में दो पक्षों के बीच उपजे आपसी विवाद के दौरान बात इतनी बढ़ गई कि दोनों पक्षों में जमकर मारपीट और लाठी-डंडे चले। इस हिंसक झड़प में एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जिन्हें फौरन स्थानीय रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। इस झड़प के दौरान बीच-बचाव या अफरातफरी में एक मासूम बालक को भी मामूली चोटें आई हैं, जिससे पूरे गांव में सनसनी फैल गई है।
क्या है पूरा मामला? (आपसी विवाद से बढ़ा तनाव)
स्थानीय ग्रामीणों और सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, हीरानंद गांव में पिछले कुछ दिनों से दो पक्षों के बीच किसी बात को लेकर अनबन चल रही थी:
छोटी बात पर शुरू हुआ विवाद: शुरुआत में यह विवाद महज तू-तू मैं-मैं और आपसी कहासुनी तक सीमित था। लेकिन देखते ही देखते मामला इतना गरमा गया कि दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए।
हिंसक झड़प का रूप: देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। आरोप है कि एक पक्ष के लोगों ने उग्र होकर हमला बोल दिया, जिससे मौके पर भगदड़ मच गई।
महिला गंभीर रूप से जख्मी, मासूम बालक भी चोटिल
इस हिंसक झड़प के दौरान बीच-बचाव करने उतरी या विवाद की चपेट में आई एक महिला को गंभीर चोटें आईं:
गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती: मारपीट के दौरान महिला के शरीर और सिर पर गहरे घाव आए, जिससे वह खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ीं। चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे आसपास के लोगों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और दोनों घायलों को पीरपैंती रेफरल अस्पताल पहुंचाया।
रेफरल अस्पताल में इलाज: अस्पताल के चिकित्सकों द्वारा घायल महिला का प्राथमिक उपचार किया जा रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि महिला को काफी चोटें आई हैं और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
बालक को भी आई चोट: इस पूरी घटना की अफरा-तफरी में एक अन्य बालक भी मामूली रूप से चोटिल हो गया, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। बच्चे के चोटिल होने से परिजनों में रोष और बच्चों के प्रति चिंता का माहौल है।
घटना के बाद गांव में तनाव और पुलिस की सुगबुगाहट
इस प्रकार की हिंसक घटनाओं से ग्रामीण इलाकों में आपसी सौहार्द पर असर पड़ रहा है:
तनावपूर्ण शांति: घटना के तुरंत बाद आरोपी पक्ष मौके से फरार हो गया। हीरानंद गांव में तनाव का माहौल है और एहतियात के तौर पर ग्रामीण डरे हुए हैं।
पुलिस की कार्रवाई: घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस हरकत में आ गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घायलों के परिजनों की शिकायत के आधार पर लिखित आवेदन लिया जा रहा है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले की गहनता से छानबीन कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि असल विवाद की जड़ क्या थी।
पीरपैंती के हीरानंद गांव में आपसी विवाद के चलते महिला के गंभीर रूप से जख्मी होने की यह घटना यह सिखाती है कि छोटी-छोटी बातों को बातचीत से सुलझाने के बजाय हिंसक होना समाज के लिए घातक है। प्रशासन और स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों को आगे आकर ऐसे मामलों में मध्यस्थता करनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की शर्मनाक और दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।