बीडीओ की प्रेमिका महिला दरोगा गिरफ्तार, वीडियो साक्ष्य और डिजिटल प्रमाणों से खुलासे
बिहार के मुजफ्फरपुर और दरभंगा जिलों को झकझोर देने वाले चर्चित दहेज हत्या और प्रताड़ना के मामले में पुलिस ने एक सनसनीखेज कार्रवाई की है। दरभंगा जिले के जाले प्रखंड में तैनात प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) मनोज कुमार की 29 वर्षीय पत्नी अमृता कुमारी की संदिग्ध और दर्दनाक मौत के मामले में पुलिस ने शिकंजा कसते हुए बीडीओ की प्रेमिका और बेगूसराय जिला बल में तैनात महिला पुलिस अवर निरीक्षक (एसआई) अनु कुमारी को भी गिरफ्तार कर लिया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस के हाथ अहम वीडियो साक्ष्य और डिजिटल सबूत लगे हैं, जिन्होंने इस पूरी वारदात की परतों को खोलकर रख दिया है।
क्या है पूरा मामला और कैसे हुआ खुलासा?
यह पूरा घटनाक्रम मुजफ्फरपुर के मिठनपुरा थाना क्षेत्र के कन्हौली मोहल्ले और बेला मोड़ स्थित आवास से जुड़ा हुआ है। मृतका अमृता कुमारी के भाई और बीडीओ के साले राजकुमार ने मिठनपुरा थाने में एक गंभीर प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है। दर्ज शिकायत के अनुसार, बीडीओ मनोज कुमार, उनके माता-पिता, भाई और बहन पर 10 लाख रुपये नकद दहेज की मांग को लेकर अमृता को लगातार प्रताड़ित करने और अंततः उसकी हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया गया है।
परिजनों का आरोप है कि बीती 3 जुलाई की रात अमृता को कोई जहरीला या नशीला पदार्थ जबरन खिलाया गया, जिससे उसकी तबीयत गंभीर हो गई। इसके बाद अगली रात उसे अचेਤ अवस्था में एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी बीडीओ मनोज कुमार को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था, और अब उनकी कथित प्रेमिका महिला दरोगा अनु कुमारी को भी सीतामढ़ी जिले के सुरसंड थाना क्षेत्र से धर दबोचा गया है।
वीडियो साक्ष्य और मारपीट के खौफनाक फुटेज
जांच के दौरान पुलिस के हाथ एक बेहद अहम वीडियो साक्ष्य लगा है, जिसने इस मामले को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है। सामने आए वीडियो फुटेज में कई लोग मिलकर अमृता कुमारी के साथ बेरहमी से मारपीट और धक्का-मुक्की करते हुए साफ नजर आ रहे हैं। यह वीडियो क्लिप और अन्य सीसीटीवी फुटेज इस बात का पुख्ता प्रमाण बन गए कि अमृता को उसके ससुराल पक्ष द्वारा किस कदर शारीरिक और मानसिक यंत्रणा दी जा रही थी। इन वीडियो साक्ष्यों के पुख्ता होने के बाद ही पुलिस ने बीडीओ और महिला दरोगा की गिरफ्तारी का ठोस कदम उठाया।
प्रेम प्रसंग और आमने-सामने की पूछताछ
पुलिस हिरासत में जब बीडीओ मनोज कुमार और महिला दरोगा अनु कुमारी को आमने-सामने बैठाकर कड़ाई से पूछताछ की गई, तो शुरुआत में दोनों ने पुलिस को गुमराह करने और अनभिज्ञता जताने की कोशिश की। हालांकि, जब जांचकर्ताओं ने उनके सामने मोबाइल टावर लोकेशन, व्हाट्सएप चैट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और दोनों की अंतरंग तस्वीरें रखीं, तो दोनों को अपने लंबे समय से चले आ रहे प्रेम-प्रसंग को स्वीकार करना पड़ा।
पुलिस की तकनीकी जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तारी से ठीक पहले महिला दरोगा ने अपने मोबाइल फोन से कई महत्वपूर्ण चैट्स और साक्ष्यों को डिलीट करने का असफल प्रयास भी किया था। पुलिस अब दोनों के जप्त मोबाइलों की फॉरेंसिक जांच करवा रही है ताकि डिलीट किए गए डेटा को पूरी तरह रिकवर किया जा सके।
गायब डिजिटल साक्ष्य और आगे की कार्रवाई
मृतका के परिजनों का आरोप है कि अमृता के पास मौजूद दो स्मार्टफोन, एक टैबलेट और एक लैपटॉप को साक्ष्यों को मिटाने के उद्देश्य से जानबूझकर गायब कर दिया गया है। इन गैजेट्स में अमृता की प्रताड़ना, धमकियों और घर के अंदर के हालातों से जुड़े कई अहम डिजिटल सबूत होने की बात कही जा रही है। इसके अलावा, घर में लगे सीसीटीवी कैमरों का लाइव एक्सेस भी अमृता के उसी फोन में था। फिलहाल पुलिस और एसआईटी (SIT) इन गायब उपकरणों की बरामदगी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। बीडीओ के अन्य फरार परिजनों—जैसे पिता गंगा साह, मां, भाई अमन कुमार और बहन आरती कुमारी—की तलाश में भी पुलिस की दबिश जारी है।