जानकीनगर थाना क्षेत्र में चोरों का दुस्साहस: दुकान का ताला तोड़कर 95 हजार रुपये नकद व कीमती सामान चुराया; पीड़ित दुकानदार सरोज कुमार ने थाने में दर्ज कराई प्राथमिकी, पुलिस कर रही मामले की छानबीन
पूर्णिया (जानकीनगर): बिहार के पूर्णिया जिले के जानकीनगर थाना क्षेत्र से चोरी और नकबजनी की एक बड़ी वारदात सामने आई है, जिसने स्थानीय व्यापारियों और दुकानदारों के बीच असुरक्षा की भावना को बढ़ा दिया है। बेखौफ चोरों ने रात के अंधेरे का फायदा उठाते हुए एक स्थानीय दुकान को अपना निशाना बनाया और दुकान का ताला तोड़कर लगभग 95 हजार रुपये मूल्य की नकदी और कीमती सामान चुराकर रफूचक्कर हो गए। इस घटना के बाद से पीड़ित दुकानदार और उसके परिवार सदमे में हैं। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। पीड़ित दुकानदार सरोज कुमार द्वारा जानकीनगर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसके आधार पर पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।
कैसे दिया गया घटना को अंजाम? चोरी की पूरी दास्तान
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जानकीनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बाजार क्षेत्र में पीड़ित सरोज कुमार की एक दुकान है। रोज की तरह वे अपनी दुकान को रात में पूरी तरह सुरक्षित बंद कर अपने घर चले गए थे।
ताला काटकर और तोड़कर अंदर घुसे चोर: चोरों ने इतनी सफाई और शातिर तरीके से घटना को अंजाम दिया कि आसपास के लोगों को भनक तक नहीं लगी। रात के सन्नाटे का फायदा उठाते हुए चोरों ने दुकान के मुख्य दरवाजे का ताला तोड़ दिया (या काट दिया) और आसानी से अंदर दाखिल हो गए।
गल्ले में रखी नकदी और सामान साफ: दुकान के अंदर घुसने के बाद चोरों ने गल्ले को खंगाला, जिसमें बिक्री के रखे गए नगद रुपये मौजूद थे। इसके अलावा दुकान में रखे अन्य कीमती सामान और उपयोगी वस्तुएं भी चोर अपने साथ समेट ले गए। जब सुबह दुकानदार अपनी दुकान खोलने पहुंचे, तो उन्होंने टूटे हुए ताले और बिखरे पड़े सामान को देखा, जिसके बाद उनके होश उड़ गए।
पीड़ित दुकानदार की व्यथा: 95 हजार का भारी नुकसान
दुकानदार सरोज कुमार ने मीडिया और पुलिस को दी गई जानकारी में बताया कि इस चोरी की घटना से उन्हें लगभग 95 हजार रुपये का भारी नुकसान हुआ है।
पूंजी डूबने का संकट: एक छोटे या मध्यम वर्ग के व्यापारी के लिए 95 हजार रुपये की क्षति बहुत बड़ी होती है। इस चोरी के कारण पीड़ित दुकानदार की आर्थिक कमर टूट गई है। उन्होंने रोते हुए बताया कि मेहनत-मजदूरी और कर्ज लेकर उन्होंने अपनी दुकान चलाई थी, लेकिन चोरों ने एक ही रात में उनकी महीनों की कमाई पर पानी फेर दिया।
व्यापारियों में भारी आक्रोश: इस घटना के बाद स्थानीय बाजार के अन्य दुकानदारों और व्यवसायियों में भी भारी गुस्सा देखा जा रहा है। उनका कहना है कि इलाके में रात के वक्त पुलिस गश्ती (Police Patrolling) कमजोर होने के कारण अपराधियों और चोरों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं।
पुलिस की कार्रवाई और जांच का दायरा
घटना की सूचना मिलते ही जानकीनगर थाना की पुलिस तुरंत हरकत में आई और घटनास्थल पर पहुंचकर मुआयना किया।
शिकायत दर्ज और एफआईआर: पीड़ित दुकानदार सरोज कुमार के आवेदन के आधार पर जानकीनगर थाने में चोरी का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने पीड़ित को आश्वासन दिया है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
सुराग तलाशने में जुटी पुलिस: पुलिस आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी फुटेज (CCTV Footage) को खंगाल रही है ताकि चोरों के आने-जाने के रास्ते और उनकी पहचान की जा सके। इसके अलावा फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स और संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर भी अपराधियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस चोरी की वारदात का उद्भेदन कर लिया जाएगा और चोरों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
जानकीनगर थाना क्षेत्र में हुई यह चोरी की घटना प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवालिया निशान खड़े करती है। जब तक पुलिस रात्रि गश्ती को और अधिक सख्त नहीं करेगी और अपराधियों में कानून का खौफ पैदा नहीं होगा, तब तक आम व्यापारी और नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस करते रहेंगे। फिलहाल, पीड़ित सरोज कुमार और स्थानीय लोग पुलिस की जांच के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं ताकि उन्हें उनका हक और न्याय मिल सके।