आनंद विहार-न्यू जलपाईगुड़ी एक्सप्रेस पर हमला, एसी कोच का शीशा टूटने से यात्रियों में दहशत

 बिहार में रेल सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल से न्यू जलपाईगुड़ी जा रही आनंद विहार-न्यू जलपाईगुड़ी एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या: 15726 UP) पर शुक्रवार की सुबह उपद्रवियों द्वारा पथराव किया गया। यह घटना हाजीपुर और सराय रेलवे स्टेशनों के बीच हुई, जिससे ट्रेन के एसी कोच की खिड़की क्षतिग्रस्त हो गई। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी यात्री को चोट नहीं आई।

 घटना और नुकसान का विवरण

प्रभावित हिस्साघटना का विवरणयात्रियों की स्थिति
एसी कोच (B-1)खिड़की क्षतिग्रस्त: उपद्रवियों द्वारा फेंका गया पत्थर सीधे बर्थ नंबर 48 के पास वाली खिड़की पर लगा, जिससे उसका कांच जोरदार आवाज के साथ चकनाचूर हो गया।दहशत का माहौल: अचानक हुई इस पत्थरबाजी और शीशा टूटने की आवाज से बोगी में बैठे यात्री, विशेषकर महिलाएं और बच्चे बुरी तरह सहम गए।

 पीड़ित यात्री की आपबीती

अचानक जोरदार आवाज हुई: दिल्ली से अपने परिवार के साथ दरभंगा (समस्तीपुर होते हुए) लौट रहे यात्री अशोक कुमार ने बताया कि ट्रेन जब सराय स्टेशन के पास से गुजर रही थी, तभी अचानक बाहर से पत्थरों की बौछार होने लगी। एक बड़ा पत्थर उनकी खिड़की पर आकर लगा। कुछ समय के लिए कोच में अफरा-तफरी मच गई क्योंकि किसी को समझ नहीं आ रहा था कि आखिर हुआ क्या है।

 रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की कार्रवाई और जांच

मुजफ्फरपुर में जांच: घटना के बाद ट्रेन की एस्कॉर्ट टीम ने तुरंत कंट्रोल रूम को सूचित किया। जैसे ही ट्रेन मुजफ्फरपुर जंक्शन पहुंची, आरपीएफ और जीआरपी (GRP) के अधिकारी पीड़ित कोच में दाखिल हुए और पीड़ित यात्री अशोक कुमार व अन्य लोगों से मामले की पूरी जानकारी ली।

प्राथमिकी (FIR) दर्ज: चूंकि घटना क्षेत्र हाजीपुर और सराय के बीच का था, इसलिए हाजीपुर आरपीएफ थाने में अज्ञात पत्थरबाजों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है।

 रेलवे की सख्त चेतावनी और नई पहल

'रेल मित्र' की मदद: रेलवे प्रशासन ने इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ट्रैक के आसपास गश्ती बढ़ा दी है। इसके साथ ही स्थानीय लोगों को 'रेल मित्र' बनाकर अराजक तत्वों की पहचान करने का अभियान शुरू किया गया है।

 रेलवे अधिकारियों ने सख्त लहजे में कहा है कि पथराव करने वाले उपद्रवियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ रेलवे एक्ट के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई (भारी जुर्माना और जेल) की जाएगी। रेलवे ने यात्रियों से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत सुरक्षा हेल्पलाइन पर दें।