धांधी बेलारी महाशिविर में भक्ति और संस्कृति का अद्भुत संगम, शिव भजनों की गूंज से सराबोर हुए कांवरिए

भागलपुर (निज संवाददाता): विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले के पावन अवसर पर भागलपुर जिले के सुल्तानगंज अंतर्गत पड़ने वाले ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण पड़ाव धांधी बेलारी महाशिविर में शुक्रवार को आस्था, संस्कृति और अध्यात्म का त्रिवेणी संगम देखने को मिला। जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग के संयुक्त प्रयासों से सजे इस महाशिविर में श्रावण मास की दिव्यता अपने चरम पर नजर आई। यहाँ देश के विभिन्न हिस्सों से बाबा बैद्यनाथ धाम देवघर की ओर प्रस्थान करने वाले लाखों शिवभक्त कांवरियों की भारी भीड़ उमड़ी। शुक्रवार की शाम जैसे ही महाशिविर के सांस्कृतिक मंच पर भजन-कीर्तन का दौर शुरू हुआ, पूरा परिसर "बोल-बम" और "हर-हर महादेव" के जयकारों से गूंज उठा।

सांस्कृतिक संध्या में भक्ति रस की बयार, भजनों पर झूमे शिवभक्त

धांधी बेलारी महाशिविर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान राज्य और राष्ट्रीय स्तर के ख्याति प्राप्त कलाकारों ने अपनी सुरीली प्रस्तुतियों से समां बांध दिया:

शिव महिमा का गुणगान: आमंत्रित कलाकारों और स्थानीय गायकों ने एक से बढ़कर एक पारंपरिक शिव भजन, लोकगीत और बम-बम भोले के गीत प्रस्तुत किए। "चलो बुलावा आया है बाबा ने बुलाया है" और "सजा है भोले का दरबार..." जैसे भजनों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।

झूमते कांवरिए: कठिन पैदल यात्रा कर सुल्तानगंज से आगे बढ़ रहे कांवरियों ने जब शिविर में संगीत की धुनों को सुना, तो उनकी सारी थकान छूमंतर हो गई। कांवरिए भक्ति भाव से सराबोर होकर झूमते-थिरकते नजर आए। कलाकारों की प्रस्तुति ने पूरे शिविर के माहौल को पूरी तरह से शिवमय बना दिया।

प्रशासनिक व्यवस्था और कांवरियों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं

सुल्तानगंज से देवघर जाने वाले कांवरियों के लिए धांधी बेलारी का यह शिविर एक प्रमुख और पहला बड़ा विश्राम पड़ाव माना जाता है। यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है:

आवासन और विश्राम स्थल: शिविर परिसर में हजारों कांवरियों के ठहरने के लिए विशाल रेन शेल्टर, टेंट सिटी और आधुनिक सुविधाओं से लैस कक्ष बनाए गए हैं। यहाँ आने वाले शिवभक्तों के लिए गद्दे, बिस्तर और रोशनी की पुख्ता व्यवस्था है।

स्वास्थ्य और चिकित्सा सेवाएं: कांवरियों की सेहत को ध्यान में रखते हुए महाशिविर परिसर में एक बड़ा अस्थायी स्वास्थ्य शिविर स्थापित किया गया है। यहाँ डॉक्टरों और पारा मेडिकल स्टाफ की टीम 24 घंटे तैनात है, जो थके-हारे या बीमार श्रद्धालुओं को निःशुल्क दवा और चिकित्सीय परामर्श दे रही है।

पेयजल और स्वच्छता: स्वच्छ पेयजल के लिए जगह-जगह वाटर प्यूरीफायर और टैंकर लगाए गए हैं, साथ ही पर्यावरण की स्वच्छता बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में फेब्रिकेटेड शौचालय और स्नानागार का निर्माण कराया गया है।

सुरक्षा के कड़े पहरे में चल रहा है मेला संचालन

मेले के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है:

नियंत्रण कक्ष और सीसीटीवी निगरानी: धांधी बेलारी शिविर में एक विशेष नियंत्रण कक्ष (Control Room) बनाया गया है, जहाँ से पूरे परिसर की गतिविधियों पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।

पुलिस बल की तैनाती: सुरक्षा के लिहाज से पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, मजिस्ट्रेट और महिला पुलिस कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई है, ताकि कांवरिए पूरी तरह सुरक्षित माहौल में अपनी यात्रा तय कर सकें।

श्रावणी मेला के अवसर पर धांधी बेलारी महाशिविर में आयोजित यह कार्यक्रम इस बात का प्रमाण है कि जिला प्रशासन श्रद्धालुओं की सेवा और उनके आध्यात्मिक अनुभव को बेहतर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से जहाँ एक ओर कांवरियों को मानसिक और शारीरिक थकान से राहत मिल रही है, वहीं दूसरी ओर लोक संस्कृति का यह भव्य प्रदर्शन इस पवित्र यात्रा को और अधिक यादगार बना रहा है। धांधी बेलारी का यह महाशिविर शिव भक्तों के लिए आस्था, सेवा और समर्पण का एक अनूठा केंद्र बनकर उभरा है।