मुजफ्फरपुर में सावन की दूसरी सोमवारी पर उमड़ा आस्था काार सैलाब: पहलेजा घाट से गंगाजल लेकर बाबा गरीबनाथ धाम रवाना हुए लाखों शिवभक्त; इस बार दोगुनी हुई कांवरियों की संख्या, 'हर-हर महादेव' के जयकारों से गूंजा पूरा उत्तर बिहार
मुजफ्फरपुर/पटना: देवों के देव महादेव को समर्पित पवित्र सावन मास का पावन महीना इन दिनों पूरे देश में पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस बीच, बिहार के प्रसिद्ध बाबाधामों में शुमार मुजफ्फरपुर के बाबा गरीबनाथ मंदिर में सावन की दूसरी सोमवारी को लेकर अभूतपूर्व आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। उत्तर बिहार के कोने-कोने से पहुंचे हजारों-लाखों शिवभक्तों और कांवरियों ने अपनी कठिन यात्रा और थकान को दरकिनार करते हुए भगवान भोलेनाथ के जयकारे लगाए। गंगा तट पहलेजा घाट से पवित्र गंगाजल उठाकर बाबा गरीबनाथ धाम के लिए रवाना हुए कांवरियों का यह जत्था सड़कों पर केसरिया सैलाब के रूप में नजर आ रहा है। इस बार सावन के दूसरे सोमवार को लेकर भक्तों में जो उत्साह देखा जा रहा है, उसके अनुसार पिछले वर्षों की तुलना में इस बार कांवरियों की संख्या दोगुनी से अधिक हो गई है।
पहलेजा घाट पर उमड़ी भारी भीड़ और गंगा स्नान का महत्व
सावन की दूसरी सोमवारी को बाबा गरीबनाथ को जलार्पण करने के लिए रविवार से ही श्रद्धालुओं का रेला गंगा नदी के तटों की ओर उमड़ पड़ा था।
पवित्र गंगास्नान और संकल्प: गंगा और सारण तट पर स्थित प्रसिद्ध पहलेजा घाट पर अहले सुबह से ही लाखों की संख्या में श्रद्धालु जुटने शुरू हो गए थे। कांवरियों ने सबसे पहले मां गंगा में पवित्र डुबकी लगाई, जिसके बाद हर-हर महादेव के जयकारों के बीच अपने कांवर में गंगाजल भरा।
संकल्प यात्रा का आरंभ: पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने और भगवान शिव का ध्यान लगाने के बाद, इन शिवभक्तों ने नंगे पांव मुजफ्फरपुर के बाबा गरीबनाथ धाम के लिए अपनी लगभग 100 किलोमीटर लंबी पैदल यात्रा शुरू की। रास्ते भर डीजे पर गूंजते शिव भजनों और डमरू की थाप पर नाचते-गाते कांवरियों का उत्साह देखते ही बन रहा था।
इस बार कांवरियों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी (दोगुनी से अधिक)
स्थानीय प्रशासन और मंदिर प्रबंधन समितियों द्वारा साझा किए गए शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, इस साल सावन के दूसरे सोमवार पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
दोगुनी से अधिक भीड़: अधिकारियों का अनुमान है कि इस बार कांवरियों की कुल संख्या पिछले वर्षों की तुलना में दोगुनी से भी ज्यादा हो चुकी है। श्रद्धालुओं की इस भारी आमद का मुख्य कारण लोगों में बढ़ती धार्मिक आस्था, बेहतर सड़क नेटवर्क और प्रशासन द्वारा की गई सुगम व्यवस्थाएं हैं।
केसरियामय हुई सड़कें: पहलेजा घाट से लेकर मुजफ्फरपुर शहर तक आने वाले राष्ट्रीय और राजकीय राजमार्ग पूरी तरह से केसरिया वस्त्र धारी शिवभक्तों से पट चुके हैं। हर तरफ सिर्फ 'बोल बम' और 'हर-हर महादेव' की गूंज सुनाई दे रही है, जिससे पूरा वातावरण पूरी तरह से आध्यात्मिक और भक्तिमय हो गया है।
जिला प्रशासन और सेवा शिविरों द्वारा व्यापक इंतजाम
लाखों की संख्या में उमड़ने वाले कांवरियों की भारी भीड़ को नियंत्रित करने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस महकमा पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है।
सुरक्षा के कड़े प्रबंध: मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी (DM) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देशन में सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं। प्रमुख मार्गों, चौराहों और मंदिर परिसर के आसपास भारी पुलिस बल, महिला बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई है। असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी की मदद ली जा रही है।
यातायात डायवर्जन और रूट चार्ट: भारी वाहनों के प्रवेश को प्रतिबंधित कर दिया गया है ताकि पैदल चल रहे कांवरियों को किसी प्रकार की असुविधा या दुर्घटना का सामना न करना पड़े। जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है ताकि कतारबद्ध तरीके से लोग जलार्पण कर सकें।
जगह-जगह सेवा शिविर: प्रशासनिक व्यवस्था के साथ-साथ शहर के सामाजिक संगठनों, युवाओं और विभिन्न पूजा समितियों द्वारा जगह-जगह भव्य कांवरिया सेवा शिविर (Sevashivir) लगाए गए हैं। इन शिविरों में कांवरियों के लिए ठहरने, उनके पैरों की मालिश करने, चिकित्सा सहायता (Medical Aid), चाय-पानी और फलाहार की निःशुल्क व्यवस्था की गई है।
बाबा गरीबनाथ धाम में विशेष तैयारियां और जलाभिषेक
मुजफ्फरपुर शहर के बीचों-बीच स्थित बाबा गरीबनाथ मंदिर में दूसरी सोमवारी पर आने वाले भक्तों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
मंदिर के कपाट और कतारें: श्रद्धालुओं को सुगमता से जलाभिषेक कराने के लिए मंदिर के कपाट तय समय पर खोल दिए गए हैं। गर्भगृह के बाहर लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं, और भक्त घंटों अपनी बारी का इंतजार करने के बाद भी पूरी श्रद्धा के साथ शिवलिंग पर जल अर्पित कर रहे हैं।
प्रशासनिक निगरानी: मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में मजिस्ट्रेट की देखरेख में वालंटियर्स और पुलिसकर्मी लगातार व्यवस्था बनाए रखने में जुटे हैं ताकि किसी भी तरह की भगदड़ या अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
मुजफ्फरपुर में सावन की दूसरी सोमवारी पर नजर आ रहा यह भव्य और अद्भुत नजारा सनातन संस्कृति की अगाध आस्था का जीवंत प्रमाण है। पहलेजा घाट से गंगाजल लेकर मीलों की कठिन पैदल यात्रा तय कर बाबा गरीबनाथ धाम पहुँच रहे लाखों शिवभक्तों का यह उत्साह यह साबित करता है कि आस्था की यह डोर समय के साथ और अधिक मजबूत होती जा रही है। रिकॉर्ड संख्या में उमड़े कांवरियों और प्रशासन की सतर्कता के बीच यह पावन पर्व शांति, अनुशासन और भक्ति के माहौल में संपन्न हो रहा है, जो उत्तर बिहार के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ रहा है।