श्रावणी मेले में रेलवे का बड़ा तोहफा; सुल्तानगंज आने वाले श्रद्धालुओं के लिए 30 जुलाई से 28 अगस्त तक कई प्रमुख ट्रेनों को दिया गया दो मिनट का अस्थायी ठहराव, सफर होगा आसान

भागलपुर, विशेष संवाददाता: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले के दौरान देश के कोने-कोने से बाबा बैद्यनाथ धाम और सुल्तानगंज आने वाले लाखों शिवभक्तों, कांवरियों और आम यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे ने एक बहुत बड़ी राहत भरी घोषणा की है। श्रावणी मेले के दौरान यात्रियों की भारी भीड़, उनकी सुविधा और सुगम आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए रेलवे प्रशासन ने 30 जुलाई से 28 अगस्त तक की अवधि के लिए कई महत्वपूर्ण एक्सप्रेस और मेल ट्रेनों को रास्ते के चुनिंदा स्टेशनों पर दो मिनट का अस्थायी ठहराव (Temporary Stoppage) देने का निर्णय लिया है। इस विशेष व्यवस्था से भागलपुर, सुल्तानगंज और आसपास के क्षेत्रों से गुजरने वाले यात्रियों को ट्रेनों में चढ़ने और उतरने में अत्यधिक सुविधा मिलेगी।

श्रावणी मेले में उमड़ती है भारी भीड़, रेलवे ने उठाया कदम

सावन के पवित्र महीने में भागलपुर और सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन पर देश का सबसे बड़ा यात्री दबाव देखने को मिलता है:

लाखों श्रद्धालुओं का आगमन: उत्तरवाहिनी गंगा से जल भरकर देवघर की पैदल यात्रा शुरू करने वाले कांवरियों की संख्या सावन के दौरान प्रतिवर्ष करोड़ों में पहुंचती है। ट्रेनें पूरी तरह पैक होकर चलती हैं और स्टेशनों पर भारी भीड़ जमा होती है।

यात्रियों की मांग और सहूलियत: श्रद्धालुओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग तथा यात्रियों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए पूर्व रेलवे और पूर्व मध्य रेलवे ने आपसी समन्वय से यह सुनिश्चित किया है कि मेले के दौरान यात्रियों को आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इसी उद्देश्य के तहत यह अस्थायी ठहराव मंजूर किए गए हैं।

किन प्रमुख ट्रेनों को दिया गया है दो मिनट का ठहराव?

रेलवे द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, इस अवधि के दौरान कई अहम एक्सप्रेस ट्रेनों का स्टॉपेज बढ़ाया गया है, जिससे लंबी दूरी के यात्रियों को भी सीधा लाभ मिलेगा:

दानापुर-भागलपुर एक्सप्रेस: इस लोकप्रिय मार्ग की ट्रेन को प्रमुख स्टेशनों पर अतिरिक्त ठहराव दिया गया है, जिससे राजधानी पटना और दानापुर क्षेत्र से आने वाले कांवरियों को आवागमन में आसानी होगी।

धनबाद-पटना एक्सप्रेस: झारखंड के कोयलांचल क्षेत्र और दक्षिण बिहार से भागलपुर की ओर आने वाले यात्रियों के लिए यह ट्रेन बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है, जिसे मेला अवधि के दौरान ठहराव मिला है।

टाटानगर-बक्सर एक्सप्रेस: झारखंड के औद्योगिक शहर टाटानगर से चलकर बिहार के विभिन्न जिलों से गुजरने वाली इस ट्रेन के ठहराव से आदिवासी बहुल क्षेत्रों और अन्य राज्यों से आने वाले शिवभक्तों को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी।

अन्य महत्वपूर्ण मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें: इसके अलावा सूची में शामिल अन्य जोड़ी ट्रेनों को भी मेला क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चुनिंदा स्टेशनों पर 2 मिनट के लिए रोका जाएगा, ताकि यात्री बिना किसी जल्दबाजी के सुरक्षित उतर या चढ़ सकें।

अस्थायी ठहराव की समय-सारणी और नियम

प्रभावी तिथि: यह विशेष व्यवस्था 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक यानी पूरे श्रावणी मेले के समापन तक पूरी तरह प्रभावी रहेगी।

ठहराव की अवधि: इन सभी चिन्हित ट्रेनों का संबंधित स्टेशनों पर ठहराव दो मिनट का होगा। लोको पायलट और गार्ड्स को इस बाबत विशेष निर्देश जारी कर दिए गए हैं ताकि ट्रेनें निर्धारित समय पर सुरक्षित रूप से संचालित हो सकें।

टिकट और आरक्षण: इन ट्रेनों के सामान्य नियमों के तहत ही बुकिंग जारी रहेगी, और यात्री अपनी सुविधा के अनुसार इन ट्रेनों में टिकट बुक कराकर इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।

स्टेशनों पर सुरक्षा और यात्री सुविधाओं के चाक-चौबंद इंतजाम

ट्रेनों के ठहराव के साथ-साथ रेलवे प्रशासन ने स्टेशनों पर भी पुख्ता तैयारियां की हैं:

भीड़ नियंत्रण (Crowd Management): प्लेटफॉर्म्स पर यात्रियों की अत्यधिक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आरपीएफ (RPF) और जीआरपी (GRP) के अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है।

घोषणाएं और हेल्प डेस्क: यात्रियों की सहायता के लिए स्टेशनों पर लगातार अनाउंसमेंट (घोषणाएं) की जा रही हैं और विशेष हेल्प डेस्क बनाए गए हैं ताकि किसी भी यात्री को ट्रेन के आने-जाने या प्लेटफॉर्म की जानकारी प्राप्त करने में कोई कठिनाई न हो।

रेलवे द्वारा 30 जुलाई से 28 अगस्त तक श्रावणी मेले के मद्देनजर कई ट्रेनों को दिए गए दो मिनट के अस्थायी ठहराव से शिवभक्तों की यात्रा बेहद सुगम और आरामदायक हो गई है। दानापुर-भागलपुर, धनबाद-पटना और टाटानगर-बक्सर जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनों के इस कदम से न केवल यात्रियों का सफर आसान हुआ है, बल्कि मेले के दौरान यातायात प्रबंधन को भी एक नया बल मिला है। रेलवे का यह समयबद्ध और जनहितकारी कदम इस वर्ष के श्रावणी मेले को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है।