श्रावणी मेले में श्रद्धालुओं के लिए बड़ी सौगात; भागलपुर से वाया सुल्तानगंज-देवघर बासुकीनाथ तक शुरू हुई सीधी बस सेवा, कांवरियों की यात्रा होगी बेहद सुगम और सुरक्षित
भागलपुर, कार्यालय संवाददाता: विश्व प्रसिद्ध पवित्र श्रावणी मेला के अवसर पर देश-विदेश से आने वाले शिव भक्तों और कांवरियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बिहार राज्य पथ परिवहन निगम ने एक बेहद महत्वपूर्ण और सराहनीय कदम उठाया है। सिल्क सिटी भागलपुर से सुल्तानगंज के रास्ते सीधे देवघर और बासुकीनाथ तक विशेष बसों का परिचालन शुरू कर दिया गया है। झारखंड सरकार से अस्थायी परमिट मिलने के बाद शुरू हुई इस विशेष बस सेवा से बाबा बैद्यनाथ धाम और बासुकीनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं को आवागमन में अभूतपूर्व सहूलियत मिल रही है। इस निर्णय से न केवल निजी वाहनों पर यात्रियों की निर्भरता घटी है, बल्कि सफर भी सुरक्षित और किफायती हो गया है।
भागलपुर बस स्टैंड से रवाना हुईं विशेष बसें
श्रावणी मेले के उल्लासपूर्ण माहौल के बीच परिवहन निगम ने यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए अपनी तैयारियां पुख्ता कर ली हैं:
छह बड़ी बसों का संचालन शुरू: श्रावणी मेले की शुरुआत के साथ ही भागलपुर बस स्टैंड से सुल्तानगंज के रास्ते देवघर के लिए विशेष बसों का परिचालन शुरू कर दिया गया है। सुबह से ही इन बसों के संचालन से यात्रियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
सुल्तानगंज से गुजरते हुए तय होगा सफर: चूंकि सुल्तानगंज उत्तरवाहिनी गंगा तट से कांवरियों की यात्रा का मुख्य केंद्र है, इसलिए ये बसें भागलपुर से खुलकर वाया सुल्तानगंज होते हुए सीधे देवघर और आगे की यात्रा के लिए निकलती हैं। इससे उन बुजुर्गों, अस्वस्थ और असमर्थ श्रद्धालुओं को विशेष राहत मिली है जो लंबी पैदल यात्रा के बाद या बिना पैदल चले सीधे दोनों धामों के दर्शन करना चाहते हैं।
इस बार की सबसे बड़ी खासियत: पहली बार बासुकीनाथ तक सीधी सेवा
इस बार के बस परिचालन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे केवल देवघर तक ही सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसका दायरा और आगे बढ़ाया गया है:
बासुकीनाथ तक सफर हुआ आसान: परिवहन निगम के इतिहास में यह पहली बार है जब भागलपुर से देवघर के रास्ते सीधे बाबा बासुकीनाथ धाम तक सरकारी बस सेवा उपलब्ध कराई गई है।
वाहन बदलने की झंझट से मुक्ति: पहले श्रद्धालुओं को देवघर पहुंचने के बाद बासुकीनाथ जाने के लिए अलग से निजी वाहनों या अन्यिक साधनों की तलाश करनी पड़ती थी, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती थी। अब सीधी बस सेवा मिल जाने से कांवरियों को एक ही वाहन से दोनों प्रमुख शिवधामों के दर्शन करने में भारी सुविधा मिल रही है।
निजी वाहनों और मनमाने किराए से मिलेगी राहत
श्रावणी मेले के दौरान अक्सर यह शिकायतें आती थीं कि निजी वाहन संचालक और ऑटो/टैक्सी वाले कांवरियों से मनमाना किराया वसूलते थे:
सुरक्षित और किफायती सफर: सरकारी और अनुबंधित विशेष बसों के चलने से यात्रियों को निर्धारित और उचित किराए पर सुरक्षित यात्रा का विकल्प मिल गया है।
यातायात के दबाव में कमी: भागलपुर-सुल्तानगंज मार्ग पर सावन के महीने में वाहनों का भारी दबाव रहता है। निगम की इन अनुशासित बसों के चलने से रूट पर यातायात प्रबंधन में भी जिला प्रशासन को मदद मिल रही है।
प्रशासनिक तैयारियां और कांवरियों में खुशी की लहर
क्षेत्रीय प्रबंधक और परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मेले के दौरान यात्रियों की संख्या के आधार पर बसों के फेरे (फेरी) और संख्या बढ़ाई भी जा सकती है:
श्रद्धालुओं की प्रतिक्रिया: बस सेवा शुरू होने से शिव भक्तों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा है कि सरकार और निगम का यह कदम कांवड़ यात्रा को सुगम बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम: बसों के रूट पर सुरक्षा और सुचारू आवाजाही के लिए जगह-जगह प्रशासनिक अमले को मुस्तैद किया गया है ताकि किसी भी यात्री को जाम या अन्य असुविधा का सामना न करना पड़े।
भागलपुर से वाया सुल्तानगंज-देवघर और बासुकीनाथ तक बस परिचालन की यह शुरुआत श्रावणी मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यह विशेष बस सेवा न केवल यात्रा को सुगम बनाती है, बल्कि 'बोल बम' के नारों से गूंजते इस पवित्र महीने में शिव भक्तों की आस्था और यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित एवं आनंददायक भी बनाती है।