विशाल चट्टान गिरने से बिहार के 8 मजदूरों की मौत, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जताया गहरा दुख

बेंगलुरु/पटना: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के बाहरी इलाके में स्थित मदापट्टाना गांव में एक भीषण औद्योगिक हादसा हुआ है। गुरुवार (2 जुलाई 2026) की सुबह कावेरी क्रशर पत्थर खदान में एक विशाल ग्रेनाइट चट्टान के ढहने से आठ मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में अधिकांश मजदूर बिहार के रहने वाले थे, जो बेहतर भविष्य की तलाश में कर्नाटक गए थे।

हादसे का विवरण

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब 7:30 बजे खदान में लगभग 18 मजदूर नियमित रूप से काम कर रहे थे। तभी अचानक लगभग 40 फीट की ऊंचाई से एक विशाल ग्रेनाइट चट्टान का टुकड़ा नीचे काम कर रहे मजदूरों पर आ गिरा। हादसा इतना भयावह था कि मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। चट्टान गिरने से कई लोडिंग वाहन और ट्रैक्टर भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।

मृतकों की संख्या: आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, इस दुर्घटना में अब तक 8 मजदूरों की पुष्टि हुई है।

घायल: हादसे में कई अन्य मजदूर भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें नजदीकी निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

बचाव कार्य: सूचना मिलते ही पुलिस और राज्य आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं। मलबे को हटाने और फंसे हुए अन्य लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और जवाबदेही

इस दर्दनाक घटना पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गहरा दुख व्यक्त किया है।

कर्नाटक के सीएम: डीके शिवकुमार ने कहा कि सरकार इस मामले की गहन जांच करा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि खदान मालिकों का कर्तव्य है कि वे श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बिहार के सीएम: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस घटना को अत्यंत दुखद बताया है। उन्होंने ईश्वर से मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। उन्होंने बिहार सरकार के अधिकारियों को कर्नाटक प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया है ताकि मृतकों के पार्थिव शरीर को घर तक पहुँचाने और पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद मिल सके।

अवैध खनन के आरोप

स्थानीय विधायक एस.टी. सोमशेखर ने खदान में अवैध खनन का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने पहले भी कई बार इस स्थल पर अवैध गतिविधियों की शिकायत की थी, लेकिन संबंधित अधिकारियों ने इसे नजरअंदाज किया। उन्होंने पुलिस, वन विभाग और खनन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत की जांच की मांग की है।

फिलहाल, पुलिस ने खदान मालिक आनंदस्वामी को हिरासत में ले लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। यह हादसा एक बार फिर खदानों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और भ्रष्टाचार जैसे गंभीर मुद्दों को सामने ले आया है। प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर फिलहाल खदान को सील कर दिया है।