दो पक्षों का विवाद सुलझाने गए बुजुर्ग सुरेश पोद्दार की पीट-पीटकर हत्या, दामाद की शिकायत पर 3 आरोपी गिरफ्तार, इलाके में तनाव

 शाहकुंड प्रखंड के सजौर थाना अंतर्गत सजौर बाजार में सोमवार की देर शाम एक बेहद दुखद और सनसनीखेज वारदात सामने आई है। दो पक्षों के बीच हो रहे मामूली विवाद को शांत कराने और बीच-बचाव करने गए 62 वर्षीय बुजुर्ग सुरेश पोद्दार की पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। समाज में शांति व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश करने वाले एक सीधे-साधे बुजुर्ग की इस तरह सरेआम हत्या से पूरे सजौर बाजार में सनसनी फैल गई है और स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

घटना की सूचना मिलते ही सजौर थाना पुलिस तुरंत हरकत में आई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतक के दामाद विवेकानंद पोद्दार के लिखित बयान पर मुख्य आरोपियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घटना में शामिल सभी तीनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। एहतियात के तौर पर बाजार में पुलिस बल की तैनाती की गई है।

घटना की पृष्ठभूमि: दो पक्षों की लड़ाई में बीच-बचाव करने गए थे सुरेश

स्थानीय सूत्रों और सजौर पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार की शाम सजौर बाजार स्थित एक दुकान के समीप दो गुटों के बीच किसी मामूली बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई थी। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज और मारपीट की नौबत आ गई। बीच बाजार में हो रहे इस हंगामे को देखकर सजौर बाजार निवासी बुजुर्ग सुरेश पोद्दार वहां पहुंचे।

शांतिदूत बनना पड़ा भारी: सुरेश पोद्दार स्वभाव से बेहद शांत और सामाजिक व्यक्ति थे। उन्होंने दोनों पक्षों को शांत रहने और आपस में विवाद न करने की सलाह दी। वे दोनों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराने की कोशिश कर रहे थे।

आरोपियों का फूटा गुस्सा: विवाद सुलझाने की इस कोशिश से आक्रोशित होकर एक पक्ष के असामाजिक तत्व बुजुर्ग सुरेश पोद्दार पर ही भड़क गए। उन्होंने कहा, "तुम हमारे बीच में बोलने वाले कौन होते हो?" और इसके बाद वे बुजुर्ग के साथ ही उलझ गए।

 बेरहमी से पिटाई और मौके पर ही मौत

विवाद में अचानक तीसरे पक्ष के रूप में घसीटे गए सुरेश पोद्दार कुछ समझ पाते, इससे पहले ही आरोपियों ने उन पर लाठी, डंडों और घूंसों से हमला कर दिया।

अंधाधुंध वार: आरोपियों ने बुजुर्ग की उम्र का भी लिहाज नहीं किया और उन पर ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए। मारपीट के दौरान सुरेश पोद्दार के सिर और छाती पर गंभीर चोटें आईं।

सड़क पर गिरे और तोड़ा दम: गंभीर रूप से घायल होने के कारण सुरेश पोद्दार लहूलुहान होकर वहीं सड़क पर गिर पड़े। स्थानीय लोग जब तक उन्हें बचाने के लिए आगे आए और अस्पताल ले जाने की तैयारी करते, तब तक अत्यधिक अंदरूनी चोट और सदमे के कारण उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

बाजार में अफरा-तफरी: बुजुर्ग की मौत होते ही मारपीट करने वाले आरोपी मौके से भागने लगे, जिससे पूरे सजौर बाजार में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया। दुकानदारों ने डर के मारे अपनी दुकानें बंद कर दीं।

 दामाद विवेकानंद पोद्दार ने दर्ज कराई प्राथमिकी: 3 नामजद गिरफ्तार

घटना के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मच गया। सुरेश पोद्दार के दामाद विवेकानंद पोद्दार ने सजौर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। अपनी प्राथमिकी में विवेकानंद ने साफ तौर पर आरोप लगाया है कि उनके ससुर की किसी से कोई निजी दुश्मनी नहीं थी। वे केवल एक नागरिक का फर्ज निभाते हुए बाजार में हो रहे झगड़े को शांत कराने गए थे, लेकिन आरोपियों ने जानबूझकर उन पर जानलेवा हमला किया।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई

सजौर थाना प्रभारी ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया। पुलिस ने रात में ही विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की और दामाद की प्राथमिकी में नामजद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है और उनके पास से हमले में इस्तेमाल किए गए कुछ डंडे भी बरामद किए गए हैं।

 शव का पोस्टमार्टम और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

मंगलवार की सुबह पुलिस ने सुरेश पोद्दार के शव का पंचनामा (Inquest Report) तैयार कर उसे पोस्टमार्टम के लिए जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल (JLNMCH), मायागंज, भागलपुर भेज दिया। पोस्टमार्टम हाउस के बाहर मृतक के परिजनों और सजौर बाजार के व्यापारियों की भारी भीड़ जमा थी।

परिजनों का विलाप: मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। उनकी पत्नी और बेटियों का कहना था कि जो व्यक्ति हमेशा दूसरों की मदद के लिए आगे रहता था, आज उसी की भलाई उसकी जान की दुश्मन बन गई।

बाजार के व्यापारियों में आक्रोश: सजौर बाजार के व्यवसायियों ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि अगर बाजार में बुजुर्ग और सम्मानित नागरिक ही सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो आम जनता का हौसला टूट जाएगा। व्यापारियों ने आरोपियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए फांसी या उम्रकैद की सजा देने की मांग की है।

घटना और कानूनी कार्रवाई का संक्षिप्त विवरण (At a Glance)

विषय / पैरामीटरमुख्य तथ्य
मृतक का नामसुरेश पोद्दार (उम्र लगभग 62 वर्ष), निवासी- सजौर बाजार
घटनास्थलसजौर बाजार, शाहकुंड, भागलपुर
घटना का कारणदो पक्षों के विवाद में बीच-बचाव (सुलह) करने की कोशिश
शिकायतकर्ता (वादी)विवेकानंद पोद्दार (मृतक के दामाद)
पुलिसिया कार्रवाईप्राथमिकी दर्ज, 3 मुख्य आरोपी गिरफ्तार
वर्तमान स्थितिशव का पोस्टमार्टम संपन्न, बाजार में स्थिति नियंत्रण में

शाहकुंड के सजौर बाजार की यह घटना समाज में तेजी से बढ़ रही असहनशीलता और गुस्से का एक भयावह उदाहरण है। आज लोग इस कदर हिंसक हो चुके हैं कि समझाने आए समाज के बुजुर्गों पर भी हमला करने से नहीं हिचकिचाते। हालांकि, इस मामले में सजौर पुलिस की त्वरित कार्रवाई और तीनों आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी ने जनता के गुस्से को भड़कने से रोक लिया। कानून ने अपना काम कर दिया है, लेकिन सजौर बाजार ने एक ऐसा अमनपसंद नागरिक खो दिया है जिसकी कमी पूरी होना नामुमकिन है। स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने अपील की है कि बाजार में शांति बनाए रखी जाए और कानून को अपना काम करने दिया जाए।