बिहार के 60 लाख गरीब परिवारों को मिलेगा पक्का घर, मुख्यमंत्री ने केंद्र से मांगी मंजूरी

 पटना : 18 जून 2026

पटना: बिहार के लाखों आवासविहीन और गरीब परिवारों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। अपने पक्के घर का सपना संजोए बैठे गरीब परिवारों की उम्मीदों को अब जल्द ही नई उड़ान मिलने वाली है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि राज्य के चिह्नित 60 लाख योग्य गरीब परिवारों को 'प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण' का लाभ देने के लिए जल्द से जल्द अंतिम मंजूरी दी जाए।

बुधवार को लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बीच हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में यह बड़ी जानकारी सामने आई।

1.04 करोड़ में से 60 लाख परिवार पाए गए पात्र

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के नए चरण (PM Awas 2.0) के तहत बिहार सरकार ने राज्य में कुल 1 करोड़ 4 लाख परिवारों की पहचान (सर्वे) की थी। केंद्र सरकार द्वारा तय की गई सख्त कड़ियों और मानकों पर गहन जांच करने के बाद, इनमें से 60 लाख परिवार पूरी तरह योग्य और पात्र पाए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा:

"हमने प्रधानमंत्री जी और केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया है कि इन 60 लाख गरीब परिवारों के आवासों को जल्द से जल्द मंजूरी दी जाए ताकि नए वित्तीय वर्ष में बिहार के गरीबों को उनका हक और पक्की छत मिल सके।"

रुकी हुई मनरेगा और आवास राशि होगी जारी

बैठक में केंद्र और राज्य सरकार के बीच ग्रामीण विकास को लेकर कई अहम सहमति बनीं। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आश्वस्त किया है कि मनरेगा (MNREGA) के तहत बिहार की सभी लंबित राशि (4 करोड़ रुपये से अधिक) का भुगतान 30 जून 2026 से पहले केंद्र सरकार द्वारा कर दिया जाएगा। इसके साथ ही पिछले चरणों के बकाए आवासों को पूरा करने के लिए भी राशि की रुकावटों को दूर किया जा रहा है।

किसानों और ग्रामीण विकास के लिए अन्य बड़े फैसले:

सिर्फ मकान ही नहीं, इस बैठक में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए कई और महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं:

उत्कृष्टता केंद्र (Centers of Excellence): बिहार के किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य दिलाने के लिए बक्सर और लखीसराय में टमाटर तथा प्याज के 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' बनाए जाएंगे।

अंतरराष्ट्रीय बाजार से जुड़ाव: बिहार के विशेष फलों और कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने के लिए नई नीतियां लागू की जाएंगी।

लखपति दीदी अभियान: जीविका दीदियों को आत्मनिर्भर बनाने के अभियान में और तेजी लाई जाएगी। (बिहार फिलहाल 48 लाख से अधिक लखपति दीदियों के साथ देश में शीर्ष पर है)।

इस उच्च स्तरीय बैठक में राज्य के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार सहित केंद्र और राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। केंद्र से हरी झंडी मिलते ही इन 60 लाख परिवारों के खातों में आवास की पहली किस्त भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।