ऑटो से 60.480 लीटर विदेशी शराब बरामद, वाहन चालक को किया गया हिरासत में; शराब तस्करों के नेटवर्क को खंगालने में जुटी खाकी

बिहार के पूर्णिया जिले से मद्य निषेध कानून (Liquor Prohibition Law) को सख्ती से लागू करने के संबंध में एक और बड़ी खबर सामने आ रही है। 'हिुस्तान' संवाददाता की रिपोर्ट के मुताबिक, स्थानीय पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एक ऑटो (Auto-Rickshaw) से भारी मात्रा में 60.480 लीटर विदेशी शराब जब्त की है। इस अवैध खेप के साथ पुलिस ने मौके से ऑटो चालक को भी हिरासत में ले लिया है, जिससे पूछताछ के आधार पर इस पूरे अवैध शराब सिंडिकेट के अन्य गुर्गों और तस्करों तक पहुँचने का प्रयास किया जा रहा है। पूर्णिया पुलिस की इस लगातार कार्रवाई से शराब तस्करों के बीच हड़कंप मचा हुआ है।

क्या थी पूरी घटना और कैसे हुई जब्ती?

प्राप्त विस्तृत विवरण के अनुसार, पूर्णिया पुलिस को मुखबिर से विशेष सूचना मिली थी कि एक ऑटो के जरिए बड़े पैमाने पर विदेशी शराब की खेप को शहर या आसपास के इलाकों में खपाने के लिए ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और उत्पाद विभाग की टीम ने पूरी सतर्कता बरतते हुए संदिग्ध मार्गों पर सघन वाहन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया।

जब संबंधित ऑटो वाहन जाँच पॉइंट पर पहुँचा, तो पुलिस बल ने उसे रुकने का इशारा किया। पुलिस को देखते ही चालक ऑटो को मोड़कर भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उसे तुरंत घेर लिया और दबोच लिया। इसके बाद जब ऑटो की गहन तलाशी ली गई, तो उसके अंदर विशेष खानों या बोरियों में छिपाकर रखी गई अंग्रेजी शराब की विभिन्न ब्रांडों की बोतलें बरामद हुईं। जब कुल मात्रा की पैमाइश की गई, तो वह 60.480 लीटर पाई गई।

शराबबंदी वाले बिहार में तस्करों के नए तौर-तरीके

बिहार सरकार द्वारा राज्य में शराबबंदी कानून लागू किए जाने के बाद से पुलिस और उत्पाद विभाग लगातार अवैध शराब के धंधे पर नकेल कस रहा है। तस्कर पुलिस की नजरों से बचने के लिए लगातार नए-नए और शातिर तरीके अपना रहे हैं:

यात्री वाहनों का दुरुपयोग: तस्कर अब्स बसों, ट्रकों के साथ-साथ ऑटो-रिक्शा और ई-रिक्शा जैसे छोटे सार्वजनिक वाहनों का इस्तेमाल करने लगे हैं ताकि पुलिस को शक न हो।

रूट बदलना: मुख्य मार्गों के बजाय ग्रामीण और संकरे रास्तों का चयन करना ताकि पुलिस चेकिंग से बचा जा सके।

छिपाकर ले जाने के तरीके: शराब की बोतलों को सब्जियों के कैरेट, अनाज की बोरियों या वाहन के गुप्त हिस्सों (Hidden Cavities) में छिपाकर ले जाया जाता है।

इस ताजा मामले में भी ऑटो चालक द्वारा इसी प्रकार की चालाकी बरती जा रही थी, लेकिन पुलिस की पैनी नजर और सतर्कता के कारण उसका यह मंसूबा नाकाम हो गया।

पुलिस की आगे की कार्रवाई और कानूनी शिकंजा

विदेशी शराब की इस बड़ी खेप के पकड़े जाने के बाद हिरासत में लिए गए ऑटो चालक से पुलिस थाने में कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि:

यह अवैध शराब कहाँ से लाई जा रही थी और इसे पूर्णिया में किसे डिलीवर किया जाना था?

इस तस्करी के पीछे मुख्य सरगना (Mastermind) कौन है?

क्या इस नेटवर्क में और भी लोग शामिल हैं?

बिहार उत्पाद अधिनियम (Bihar Prohibition and Excise Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और हिरासत में लिए गए चालक को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही, तस्करी में प्रयुक्त ऑटो को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है।

पूर्णिया में हुई यह कार्रवाई एक बार फिर यह साबित करती है कि जिला प्रशासन और पुलिस विभाग अवैध शराब के कारोबार को लेकर पूरी तरह मुस्तैद और गंभीर है। सरकार और कानून-प्रवर्तन एजेंसियों की यह सख्त नीति न केवल तस्करों के हौसले पस्त कर रही है, बल्कि समाज को अवैध शराब के दुष्प्रभावों से बचाने में भी अहम भूमिका निभा रही है। आम जनता से भी लगातार अपील की जा रही है कि वे इस तरह की अवैध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि पूर्णिया को पूरी तरह से सुरक्षित और नशा मुक्त बनाया जा सके।