24 दिनों का नर्क: अपहृत जीविका मित्र सकुशल घर लौटी, नेपाल में बंधक बना कर प्रताड़ित करने का आरोप

जाले (दरभंगा): दरभंगा जिले के जाले थाना क्षेत्र से लगभग 24 दिन पूर्व लापता हुई 22 वर्षीय एक 'जीविका मित्र' के सकुशल घर लौटने से क्षेत्र में राहत की लहर है। इस युवती का 12 जून को रहस्यमय तरीके से अपहरण कर लिया गया था और उसे नेपाल ले जाया गया था। लगभग तीन सप्ताह से अधिक समय तक यातनाएं झेलने के बाद, युवती ने जैसे ही अपने घर में कदम रखा, परिवार और स्थानीय लोगों की आंखों में आंसू आ गए। युवती ने लौटने के बाद जो आपबीती सुनाई, वह रोंगटे खड़े कर देने वाली है।

घटना का संक्षिप्त विवरण

12 जून का दिन युवती के परिवार के लिए किसी डरावने सपने की शुरुआत जैसा था। पेशे से जीविका मित्र (Jeevika Mitra) के रूप में कार्यरत यह 22 वर्षीय युवती अचानक लापता हो गई थी। परिजनों की शिकायत और स्थानीय स्तर पर खोजबीन के बाद यह स्पष्ट हुआ कि उसका अपहरण किया गया है। मामला जाले थाना क्षेत्र का था, जहां पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले की गंभीरता को समझा।

नेपाल में 'बंधक' का जीवन

युवती ने घर लौटने के बाद बताया कि उसे अपहरणकर्ताओं द्वारा जबरन नेपाल की सीमा में ले जाया गया था। वहां उसे किसी अज्ञात स्थान पर बंधक बनाकर रखा गया था। इस दौरान उसे शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा।

युवती ने अपने बयान में शिवराज कुमार नामक व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने बताया कि शिवराज ने ही उसे बंधक बनाकर रखा था और लगातार उसे प्रताड़ित किया जा रहा था। इन 24 दिनों की अवधि उसके लिए किसी नर्क से कम नहीं थी, जहाँ हर पल मौत का साया मंडरा रहा था।

जाले थाना पुलिस की भूमिका

युवती के सकुशल लौटने के बाद जाले थाना पुलिस अब इस मामले की गहन जांच में जुट गई है। पीड़िता के परिजनों ने अपहरण और प्रताड़ना को लेकर पूर्व में ही प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस का कहना है कि:

जांच का दायरा: चूंकि मामला अंतर्राष्ट्रीय सीमा (नेपाल) से जुड़ा है, इसलिए पुलिस इसे बेहद संवेदनशील मानकर आगे की कार्रवाई कर रही है।

आरोपी की तलाश: मुख्य आरोपी शिवराज कुमार और उसके साथियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।

कानूनी प्रक्रिया: पुलिस पीड़िता का न्यायालय में बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया पूरी कर रही है ताकि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।

पीड़ित का दर्द और संघर्ष

अपने घर वापस लौटी पीड़िता फिलहाल गहरे सदमे में है। उसने बताया कि वह किसी तरह से वहां से निकलने में सफल रही। उसने कहा, "वे मुझे वहां से कहीं बाहर जाने नहीं देते थे। हर दिन मुझे प्रताड़ित किया जाता था। मुझे लगा था कि शायद मैं अब कभी अपने घर वापस नहीं जा पाऊंगी।"

समाज में आक्रोश

इस घटना ने जाले सहित पूरे दरभंगा जिले में सनसनी फैला दी है। जीविका मित्र जैसी सरकारी योजना से जुड़ी युवती के अपहरण ने महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय ग्रामीण और विभिन्न महिला संगठनों ने आरोपी शिवराज कुमार की तत्काल गिरफ्तारी और उसे कड़ी सजा देने की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि अगर प्रशासन ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्ती नहीं बरतेगा, तो समाज में असुरक्षा का माहौल और गहरा जाएगा। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि नेपाल पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर आरोपी को जल्द पकड़ा जाए।

सुरक्षा के प्रति सतर्कता का संदेश

यह घटना इस बात का भी संकेत है कि महिलाओं को अपने कार्यक्षेत्र में और आने-जाने के दौरान कितनी सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। सरकारी कर्मचारी (जीविका मित्र) होने के नाते, यह मामला एक बड़ी चुनौती के रूप में सामने आया है। स्थानीय प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि पीड़ित परिवार को पूरी सुरक्षा प्रदान की जाएगी और मामले के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

24 दिनों बाद सकुशल वापसी भले ही एक सुखद अंत की तरह लगे, लेकिन इस दौरान युवती ने जो दर्द सहा है, उसकी भरपाई करना कठिन है। समाज के प्रबुद्ध वर्ग का मानना है कि अब न्याय की बारी है। जब तक आरोपी शिवराज कुमार सलाखों के पीछे नहीं जाता, तब तक क्षेत्र के लोगों में भय का माहौल बना रहेगा। पुलिस अब इस मामले में तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल्स के आधार पर अपनी जांच को अंतिम रूप दे रही है ताकि आरोपी को सजा दिलाई जा सके।