सिक्स लेन रोड पर भी नहीं थमी रॉन्ग-साइड ड्राइविंग और शॉर्टकट की प्रवृत्ति, फर्राटे भरते वाहनों से बढ़ा हादसों का खतरा
संवाददाता। आधुनिक और सुरक्षित यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराने के उद्देश्य से करोड़ों रुपये की लागत से तैयार की गई सिक्स लेन सड़क पर भी लोग ट्रैफिक नियमों का पालन करने से बचते नजर आ रहे हैं। सड़क शुरू होने के दूसरे ही दिन बड़ी संख्या में दोपहिया, तीनपहिया और कुछ चारपहिया वाहन चालक शॉर्टकट अपनाने के लिए रॉन्ग-साइड से वाहन दौड़ाते दिखाई दिए। इससे न केवल अपनी जान बल्कि अन्य वाहन चालकों और राहगीरों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नई सड़क बनने से यातायात पहले की तुलना में काफी सुगम हुआ है, लेकिन कुछ वाहन चालक समय बचाने और थोड़ी दूरी कम करने के लिए गलत दिशा में वाहन चलाने से परहेज नहीं कर रहे हैं। सुबह से लेकर देर शाम तक कई स्थानों पर लोग डिवाइडर के बीच बने कट अथवा अनधिकृत रास्तों का इस्तेमाल कर रॉन्ग-साइड से आते-जाते दिखाई दिए।
ट्रैफिक नियमों की खुलेआम अनदेखी
सिक्स लेन सड़क को तेज और सुरक्षित यातायात के लिए तैयार किया गया है। सड़क पर दोनों दिशाओं के लिए अलग-अलग लेन, डिवाइडर, संकेतक और सुरक्षा मानकों का ध्यान रखा गया है। इसके बावजूद कई वाहन चालक नियमों की अनदेखी करते हुए सीधे रॉन्ग-साइड में प्रवेश कर गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कई बाइक सवार बिना हेलमेट तेज रफ्तार में गलत दिशा से आते दिखाई दिए। कुछ ई-रिक्शा और ऑटो चालक भी यात्रियों को जल्दी पहुंचाने के लिए शॉर्टकट अपनाते नजर आए। इससे कई बार सामने से आ रहे वाहनों को अचानक ब्रेक लगाना पड़ा।
कुछ मिनट बचाने के लिए जोखिम
यातायात विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकांश लोग कुछ मिनट बचाने के लिए गलत दिशा में वाहन चलाने का जोखिम उठाते हैं। जबकि सिक्स लेन जैसी तेज रफ्तार सड़कों पर रॉन्ग-साइड ड्राइविंग किसी भी समय गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार हाई-स्पीड सड़कों पर वाहन चालकों को सामने से आने वाले वाहन की उम्मीद नहीं होती। ऐसे में यदि अचानक कोई वाहन गलत दिशा से आ जाए तो दुर्घटना की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
स्थानीय लोगों ने जताई चिंता
सड़क किनारे रहने वाले लोगों और दुकानदारों ने रॉन्ग-साइड ड्राइविंग को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि नई सड़क बनने के बाद वाहनों की गति पहले से काफी बढ़ गई है। यदि इसी तरह नियमों की अनदेखी होती रही तो भविष्य में बड़े सड़क हादसे हो सकते हैं।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क के संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की तैनाती बढ़ाई जाए और लगातार निगरानी रखी जाए। साथ ही जहां जरूरत हो वहां अतिरिक्त बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं।
ट्रैफिक पुलिस के सामने चुनौती
यातायात पुलिस के लिए भी यह स्थिति चुनौती बनती जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सड़क पर नियमित गश्ती और निगरानी की व्यवस्था की जा रही है। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ चालान की कार्रवाई भी की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि रॉन्ग-साइड ड्राइविंग और शॉर्टकट अपनाने वाले वाहन चालकों की पहचान कर उनके खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर सीसीटीवी कैमरों की मदद से भी चालान भेजे जाएंगे।
जागरूकता अभियान की जरूरत
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि केवल चालान काटने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना भी जरूरी है। स्कूलों, कॉलेजों, व्यावसायिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर सड़क सुरक्षा अभियान चलाकर लोगों को नियमों का महत्व समझाया जाना चाहिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकांश सड़क दुर्घटनाएं मानवीय लापरवाही के कारण होती हैं। यदि लोग ट्रैफिक नियमों का पालन करें तो दुर्घटनाओं की संख्या में काफी कमी लाई जा सकती है।
सिक्स लेन सड़क का उद्देश्य
सिक्स लेन सड़क का निर्माण तेज, सुरक्षित और सुगम यातायात के लिए किया गया है। इस तरह की सड़कें भारी वाहनों और लंबी दूरी की यात्रा करने वालों के लिए विशेष रूप से उपयोगी होती हैं। सड़क पर वाहनों की गति सामान्य सड़कों की तुलना में अधिक रहती है, इसलिए यहां नियमों का पालन और भी आवश्यक हो जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि लोग गलत दिशा में वाहन चलाएंगे तो पूरी सड़क की सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित होगी और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाएगा।
दुर्घटनाओं का बढ़ सकता है खतरा
रॉन्ग-साइड ड्राइविंग को सड़क दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण माना जाता है। कई मामलों में सामने से तेज रफ्तार में आ रहे वाहनों की सीधी टक्कर हो जाती है, जिससे गंभीर चोटें या जान-माल का नुकसान होता है।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस प्रवृत्ति पर रोक नहीं लगाई गई तो सिक्स लेन सड़क पर भी गंभीर सड़क हादसे हो सकते हैं। विशेषकर रात के समय दृश्यता कम होने पर यह खतरा और अधिक बढ़ जाता है।
प्रशासन से सख्ती की मांग
स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और वाहन चालकों ने प्रशासन से मांग की है कि रॉन्ग-साइड ड्राइविंग करने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए। नियमित जांच, भारी जुर्माना और आवश्यक होने पर वाहन जब्त करने जैसी कार्रवाई की जाए ताकि लोग नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित हों।
इसके साथ ही जहां लोग बार-बार शॉर्टकट बना रहे हैं, वहां मजबूत डिवाइडर, रेलिंग और सुरक्षा अवरोध लगाए जाने की भी मांग उठी है।
सड़क सुरक्षा सभी की जिम्मेदारी
विशेषज्ञों का कहना है कि सुरक्षित सड़कें केवल सरकार या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं हैं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का भी दायित्व है कि वह यातायात नियमों का पालन करे। कुछ मिनट बचाने की जल्दबाजी किसी की जान ले सकती है।
सिक्स लेन सड़क पर दूसरे दिन भी जिस तरह रॉन्ग-साइड ड्राइविंग और शॉर्टकट अपनाने की प्रवृत्ति देखने को मिली, उसने सड़क सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि समय रहते प्रशासन ने प्रभावी कार्रवाई नहीं की और लोग स्वयं भी अपनी आदतों में सुधार नहीं लाए, तो भविष्य में यह लापरवाही बड़े हादसों का कारण बन सकती है। इसलिए आवश्यक है कि नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए और हर वाहन चालक अपनी तथा दूसरों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे।