नालंदा में दर्दनाक हादसा: हाईटेंशन तार की चपेट में आई मजदूरों से भरी बस, करंट लगने से पति-पत्नी की मौत, 8 से अधिक घायल
बिहारशरीफ (नालंदा): बिहार के नालंदा जिले से एक बेहद दर्दनाक और भीषण हादसे की खबर सामने आई है। पावापुरी थाना क्षेत्र के शंभू शरण (शमवशरण) मंदिर के पास बुधवार को लगभग 50 से 60 मजदूरों से भरी एक स्लीपर बस 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली तार की चपेट में आ गई। इस हादसे में बस में करंट दौड़ने के कारण एक प्रवासी मजदूर दंपती (पति-पत्नी) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 8 से 10 अन्य मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए।
घर पहुंचने से महज 2 किमी पहले हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, बस में सवार सभी मजदूर बेतिया के नरकटियागंज प्रखंड स्थित चौतरवा गांव के एक ईंट-भट्ठे पर मजदूरी का काम पूरा करके अपने पैतृक गांव घोषरावा (गिरियक) लौट रहे थे। कई महीनों बाद घर लौटने की खुशी तब मातम में बदल गई, जब अपने गांव से महज दो किलोमीटर पहले पावापुरी-घोषरावा मुख्य मार्ग पर यह भीषण हादसा हो गया।
छत पर रखी साइकिल बनी काल
बताया जा रहा है कि सड़क के ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन काफी नीचे लटक रही थी। बस की छत पर मजदूरों का सामान और एक साइकिल रखी हुई थी। जैसे ही बस शंभू शरण मंदिर के पास पहुंची, छत पर रखी साइकिल का हैंडल नीचे झूल रहे हाईटेंशन तार से टकरा गया। संपर्क में आते ही पूरी बस में तेज करंट दौड़ गया।
चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल
बस में अचानक करंट दौड़ते ही यात्रियों के बीच कोहराम मच गया। अपनी जान बचाने के लिए कई यात्री चलती बस से ही नीचे कूद पड़े, जिससे उन्हें गंभीर चोटें भी आईं। वहीं बस के भीतर फंसे लोग करंट की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गए। स्थानीय ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए तुरंत बिजली कटवाई और सूझबूझ से कई यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला।
दंपती की मौके पर मौत, सात बच्चों के सिर से उठा साया
करंट की चपेट में आने से घोषरावा गांव निवासी रूदल मांझी (50 वर्ष) और उनकी पत्नी फूलो देवी (45 वर्ष) की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। यह दंपती अपने पीछे सात बच्चों (चार बेटे और तीन बेटियां) का रोता-बिलखता परिवार छोड़ गया है। इस घटना के बाद से पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।
अस्पताल में घायलों का इलाज जारी, ग्रामीणों में आक्रोश
घटना की सूचना मिलते ही पावापुरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत व बचाव कार्य शुरू किया। सभी घायल मजदूरों को तुरंत भगवान महावीर आयुर्विज्ञान संस्थान (पावापुरी मेडिकल कॉलेज) में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। इस हादसे के बाद बिजली विभाग की लापरवाही (तारों का नीचे लटकना) को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।