बाढ़ की विभीषिका के बीच निगम प्रशासन ने टिल्हा कोठी में शरण लेने की अपील की प्रभावित लोगों के लिए सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था, प्रशासन ने राहत व बचाव कार्य तेज करने के दिए निर्देश

भागलपुर : गंगा सहित अन्य नदियों के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ की गंभीर होती स्थिति को देखते हुए नगर निगम प्रशासन ने प्रभावित लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। निगम प्रशासन ने विशेष रूप से बाढ़ प्रभावित और जलभराव वाले इलाकों के लोगों को जरूरत पड़ने पर टिल्हा कोठी में बने आश्रय स्थल में शरण लेने को कहा है। प्रशासन का कहना है कि जान-माल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी आपात स्थिति में लोगों को बिना देरी सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जाएगा।

बाढ़ की विभीषिका का असर शहर के निचले और नदी किनारे स्थित इलाकों में अधिक दिखाई देने लगा है। कई जगहों पर पानी तेजी से फैल रहा है, जिससे सड़कों और घरों के आसपास जलजमाव की स्थिति बन गई है। पानी बढ़ने की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और नगर निगम की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी कर रही हैं।

प्रभावित इलाकों के लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील

नगर निगम प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बाढ़ की स्थिति को हल्के में न लें। यदि उनके घरों के आसपास पानी तेजी से बढ़ रहा है या घर में पानी घुसने की संभावना है, तो समय रहते सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। निगम ने प्रभावित परिवारों को बताया है कि टिल्हा कोठी में उनके अस्थायी ठहराव की व्यवस्था की गई है।

प्रशासन ने कहा है कि लोगों को अंतिम समय तक इंतजार नहीं करना चाहिए। पानी बढ़ने की स्थिति में बचाव कार्य मुश्किल हो सकता है। इसलिए बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और बीमार लोगों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की जरूरत है।

टिल्हा कोठी में आश्रय स्थल की व्यवस्था

बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए टिल्हा कोठी में अस्थायी आश्रय की व्यवस्था की जा रही है। यहां जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने के साथ आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है।

आश्रय स्थल पर पीने के पानी, भोजन और प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। प्रशासनिक अधिकारी समय-समय पर स्थिति का निरीक्षण कर राहत व्यवस्था की निगरानी करेंगे।

राहत और बचाव कार्यों पर निगम का जोर

नगर निगम प्रशासन ने संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों को राहत कार्यों में सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं। प्रभावित इलाकों में लोगों की जरूरतों का आकलन कर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है।

जरूरत पड़ने पर नावों और अन्य संसाधनों की मदद से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जाएगा। नगर निगम प्रशासन ने लोगों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को देने की अपील की है।

साफ पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं पर विशेष ध्यान

बाढ़ के दौरान दूषित पानी से बीमारी फैलने का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए राहत शिविरों में साफ पेयजल उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। लोगों को भी बाढ़ के पानी का उपयोग पीने या भोजन बनाने के लिए नहीं करने की सलाह दी गई है।

बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के स्वास्थ्य को लेकर प्रशासन विशेष रूप से सतर्क है। जरूरत पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाने और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की तैयारी की जा रही है।

लोगों से सतर्कता और सहयोग की अपील

प्रशासन ने कहा कि बाढ़ की स्थिति में अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें। लोगों से नदियों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की गई है।