पूर्णिया-किशनगंज राष्ट्रीय राजमार्ग-31 पर बरसौनी टोल प्लाजा के समीप वाहन जांच के दौरान पुलिस को मिली बड़ी सफलता भारी मात्रा में अवैध सामान के साथ वाहन जब्त, मचा हड़कंप

बिहार के पूर्णिया जिले के बायसी और डगरूआ अनुमंडल क्षेत्र अंतर्गत पूर्णिया-किशनगंज राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-31) पर अपराध नियंत्रण और अवैध तस्करी पर रोक लगाने के लिए चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। डगरूआ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बरसौनी टोल प्लाजा के समीप मंगलवार को वाहन जांच के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध वाहन को रोका और उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान वाहन के अंदर से भारी मात्रा में अवैध सामान और प्रतिबंधित सामग्री बरामद की गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अवैध सामान और वाहन को जब्त कर लिया है तथा वाहन चालक एवं उसमें सवार तस्करों को हिरासत में ले लिया है। इस बड़ी कार्रवाई से अपराधियों और तस्करों में हड़कंप मच गया है, वहीं पुलिस प्रशासन की इस मुस्तैदी की स्थानीय लोगों द्वारा सराहना की जा रही है।

 एनएच-31 पर बरसौनी टोल प्लाजा पर चलाया जा रहा था सघन वाहन चेकिंग अभियान

पूर्णिया-किशनगंज एनएच-31 एक अत्यंत व्यस्त और संवेदनशील मार्ग माना जाता है, जिसका उपयोग अक्सर अपराधी अवैध सामानों की तस्करी के लिए करते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

नियमित और विशेष चेकिंग: डगरूआ थाना अध्यक्ष और पुलिस बल की टीम बरसौनी टोल प्लाजा के पास बेरिकेडिंग लगाकर आने-जाने वाले हर छोटे-बड़े वाहनों की बारीकी से जांच कर रही थी।

संदिग्ध वाहन की घेराबंदी: इसी दौरान किशनगंज की ओर से आ रहे एक संदिग्ध वाहन को पुलिस ने रुकने का इशारा किया। पुलिस को देखते ही वाहन चालक ने रफ्तार धीमी करने के बाद अचानक गाड़ी को भगाने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद पुलिस बलों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वाहन को चारों तरफ से घेर लिया और उसे अपने कब्जे में ले लिया।

 तलाशी के दौरान हुआ बड़ा खुलासा: भारी मात्रा में अवैध सामान बरामद

पुलिस ने जब घेराबंदी कर संदिग्ध वाहन की तलाशी ली, तो अंदर का नजारा देखकर पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए। वाहन के गुप्त खानों और सीटों के नीचे छिपाकर रखी गई अवैध सामग्री भारी मात्रा में बरामद की गई।

तस्करी के नापाक मंसूबे नाकाम: प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि इस खेप को काफी शातिर तरीके से छुपाकर एक राज्य से दूसरे राज्य या जिले में खपाने के लिए ले जाया जा रहा था। पुलिस ने तुरंत जब्ती सूची तैयार की और वाहन को थाने ले आई।

गिरफ्तारी और पूछताछ: वाहन में सवार संदिग्धों से पुलिस और खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों द्वारा लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस अवैध धंधे के पीछे कौन सा बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा है और इस खेप को कहां पहुंचाया जाना था।

पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी और सुरक्षा के कड़े इंतजाम

इस सफल कार्रवाई के बाद डगरूआ और बायसी क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली की चर्चा जोरों पर है। स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि एनएच-31 पर किसी भी कीमत पर अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

अपराधियों पर नकेल: वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों के साथ-साथ आम दिनों में भी सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए इस तरह के औचक वाहन चेकिंग अभियान लगातार चलाए जाएंगे।

इंटेलिजेंस इनपुट का असर: पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई पुख्ता खुफिया इनपुट (Intelligence Input) के आधार पर की गई थी, जिसके कारण तस्कर अपने मंसूबों में कामयाब होने से पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़ गए।

जनता की प्रतिक्रिया और आगे की कानूनी कार्रवाई

इस घटना के बाद से स्थानीय नागरिकों में सुरक्षा को लेकर विश्वास बढ़ा है और उन्होंने पुलिस प्रशासन की इस सफलता की सराहना की है।

कानूनी प्रक्रिया: पुलिस ने वाहन जब्ती और तस्करों की गिरफ्तारी के बाद संबंधित धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। पकड़े गए आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की तैयारी की जा रही है।

नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस: पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और आपराधिक इतिहास को खंगाल रही है ताकि इस अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य चेहरों को भी बेनकाब किया जा सके।

निष्कर्ष: पूर्णिया-किशनगंज राष्ट्रीय राजमार्ग-31 पर डगरूआ थाना क्षेत्र के बरसौनी टोल प्लाजा के समीप वाहन जांच के दौरान पुलिस द्वारा की गई यह कार्रवाई अपराधियों के लिए एक कड़ी चेतावनी है। यह घटना साबित करती है कि यदि पुलिस मुस्तैद रहे, तो तस्करों के नापाक मंसूबे कभी कामयाब नहीं हो सकते