शराब माफियाओं ने आबकारी विभाग की टीम पर की फायरिंग, बाल-बाल बचे अधिकारी

 राजधानी पटना के ग्रामीण इलाके में मंगलवार देर शाम एक बेहद चौंकाने वाली और गंभीर घटना सामने आई है। शराब माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि उन्होंने अब सीधे सरकारी अधिकारियों को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया है। पालीगंज थाना क्षेत्र में छापेमारी के दौरान मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग (Excise Department) की टीम पर शराब धंधेबाजों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस हमले ने पुलिस और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है।

घटना का विवरण: छापेमारी के दौरान हुआ खूनी संघर्ष

जानकारी के अनुसार, उत्पाद विभाग की टीम मंगलवार की शाम पालीगंज इलाके में विशेष छापेमारी अभियान चला रही थी। टीम का उद्देश्य क्षेत्र में सक्रिय शराब के नशेड़ियों और अवैध धंधेबाजों को पकड़ना था। अभियान के दौरान, टीम ने मौके से पांच पियक्कड़ों (शराब पीने वालों) को रंगे हाथों पकड़ा।

पकड़े गए इन लोगों को विभाग की स्कॉर्पियो गाड़ी में बैठाकर टीम जैसे ही पालीगंज थाने की ओर आगे बढ़ी, तभी पहले से घात लगाकर बैठे शराब धंधेबाजों ने टीम पर हमला बोल दिया। बदमाशों ने टीम की गाड़ियों को रोकने की कोशिश की और जब अधिकारी नहीं रुके, तो उन्होंने ताबड़तोड़ फायरिंग (गोलीबारी) कर दी।

अधिकारियों की जान पर बन आई

फायरिंग की इस घटना से टीम में हड़कंप मच गया। सरकारी वाहनों को निशाना बनाकर की गई इस गोलीबारी में टीम के सदस्यों ने किसी तरह गाड़ी को भगाकर अपनी जान बचाई। गनीमत यह रही कि इस हमले में किसी अधिकारी या कर्मचारी को गोली नहीं लगी, अन्यथा एक बड़ी त्रासदी हो सकती थी। घटना के बाद से क्षेत्र में दहशत का माहौल है।

अपराधियों का दुस्साहस और भागने की रणनीति

सूत्रों के अनुसार, बदमाशों का मकसद टीम पर दबाव बनाकर पकड़े गए नशेड़ियों को छुड़ाना था। हमलावरों ने जिस तरह से भीड़-भाड़ वाले इलाके में फायरिंग की, उससे साफ जाहिर होता है कि उन्हें कानून का कोई डर नहीं है। फायरिंग के तुरंत बाद सभी अपराधी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। टीम के अधिकारियों ने इसकी सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों और पालीगंज पुलिस को दी।

पुलिस की कार्रवाई और दबिश

हमले की सूचना मिलते ही पालीगंज और आसपास के थानों की पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। इलाके की घेराबंदी कर छापेमारी शुरू कर दी गई है।

FIR दर्ज: उत्पाद विभाग के अधिकारियों के बयान पर हमलावरों के खिलाफ हत्या के प्रयास और सरकारी काम में बाधा डालने समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

सीसीटीवी जांच: पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके।

विशेष अभियान: पुलिस का कहना है कि अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। इलाके में विशेष सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

बिहार में शराबबंदी और कानून-व्यवस्था की चुनौतियां

यह घटना बिहार में लागू शराबबंदी के क्रियान्वयन में आ रही गंभीर चुनौतियों को उजागर करती है।

माफिया का नेटवर्क: शराब धंधेबाजों का नेटवर्क ग्रामीण इलाकों में काफी मजबूत हो गया है, जो अब सरकारी सुरक्षा एजेंसियों पर हमला करने से भी नहीं हिचक रहे हैं।

सुरक्षा का सवाल: टीम पर हुआ यह हमला इस बात का संकेत है कि उत्पाद विभाग की छापेमारी टीम को अब और अधिक सुरक्षा कवच और हथियारों के साथ उतरने की आवश्यकता है।

ग्रामीणों में खौफ

इस गोलीबारी से कनकट्टी चक और पालीगंज के आसपास के ग्रामीण भी डरे हुए हैं। दिन-दहाड़े या शाम के वक्त हुई इस तरह की हिंसक वारदात से आम लोगों का विश्वास डगमगा रहा है। समाजसेवियों का कहना है कि सरकार को इस तरह के मामलों में स्पीडी ट्रायल (Speedy Trial) चलाकर दोषियों को कठोरतम सजा देनी चाहिए ताकि अपराधियों के मन में खौफ पैदा हो।

पटना के पालीगंज में उत्पाद विभाग की टीम पर हुआ हमला कोई छोटी घटना नहीं है, बल्कि यह कानून व्यवस्था को खुली चुनौती है। जब कानून के रखवाले ही सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो आम जनता कैसे सुरक्षित महसूस करेगी? उम्मीद है कि पुलिस प्रशासन इस मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए उन तमाम अपराधियों को जेल की सलाखों के पीछे भेजेगा जिन्होंने सरकारी टीम पर फायरिंग करने का दुस्साहस किया है।