मनमाना किराया वसूलने वालों पर सख्ती: पटना में ऑटो और ई-रिक्शा चालकों के खिलाफ विशेष अभियान शुरू
पटना, जागरण संवाददाता। राजधानी पटना में ऑटो और ई-रिक्शा चालकों द्वारा यात्रियों से मनमाने तरीके से किराया वसूलने की बढ़ती शिकायतों के बीच परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। शहर में सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को अधिक पारदर्शी और यात्री हितैषी बनाने के उद्देश्य से जिला परिवहन कार्यालय ने विशेष जांच अभियान चलाने का निर्णय लिया है। मंगलवार से शुरू होने वाले इस अभियान के तहत निर्धारित किराये से अधिक वसूली करने वाले चालकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने पर पांच हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पिछले कई महीनों से लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि शहर के विभिन्न इलाकों में ऑटो और ई-रिक्शा चालक यात्रियों से निर्धारित दर से अधिक किराया वसूल रहे हैं। विशेष रूप से रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, अस्पताल, बाजार और व्यावसायिक क्षेत्रों में आने-जाने वाले यात्रियों को इस समस्या का अधिक सामना करना पड़ रहा था। कई यात्रियों ने आरोप लगाया कि छोटी दूरी के लिए भी उनसे अत्यधिक किराया लिया जाता है और विरोध करने पर चालक बहस करने लगते हैं।
इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पटना जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) उपेन्द्र कुमार पाल के नेतृत्व में विशेष जांच अभियान चलाने की योजना बनाई गई है। इस अभियान के तहत परिवहन विभाग की टीम विभिन्न प्रमुख मार्गों और सार्वजनिक स्थलों पर निगरानी रखेगी। अधिकारियों का कहना है कि अभियान का मुख्य उद्देश्य यात्रियों के हितों की रक्षा करना और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में अनुशासन स्थापित करना है।
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक ऑटो और ई-रिक्शा चालक को निर्धारित किराया सूची का पालन करना अनिवार्य है। यदि कोई चालक तय दर से अधिक राशि वसूलते हुए पाया जाता है तो उसके खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में पांच हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। आवश्यकता पड़ने पर वाहन का परमिट और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, अभियान केवल जुर्माना लगाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यात्रियों को जागरूक करने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। परिवहन विभाग लोगों से अपील करेगा कि वे निर्धारित किराया दरों की जानकारी रखें और किसी भी प्रकार की अवैध वसूली की शिकायत तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें। इसके लिए हेल्पलाइन और शिकायत प्रणाली को भी सक्रिय रखा जाएगा।
इस अभियान में ट्रैफिक पुलिस की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। परिवहन विभाग ने ट्रैफिक पुलिस को निर्देश दिया है कि यदि किसी यात्री की ओर से अधिक किराया वसूलने की शिकायत मिलती है तो तत्काल कार्रवाई की जाए। इसके लिए परिवहन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीमों का गठन किया गया है, जो विभिन्न स्थानों पर निरीक्षण और जांच करेंगी।
जानकारी के अनुसार, संयुक्त जांच दलों को पटना जंक्शन, गांधी मैदान, बेली रोड, बोरिंग रोड, कंकड़बाग, दानापुर, मीठापुर बस स्टैंड और अन्य प्रमुख मार्गों पर तैनात किया जाएगा। ये टीमें यात्रियों से बातचीत कर वास्तविक स्थिति की जानकारी लेंगी और संदिग्ध मामलों में तत्काल जांच करेंगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे मनमानी किराया वसूली की घटनाओं में कमी आएगी।
शहर के दैनिक यात्रियों ने परिवहन विभाग के इस फैसले का स्वागत किया है। कई लोगों का कहना है कि लंबे समय से ऑटो और ई-रिक्शा चालकों की मनमानी से आम जनता परेशान थी। विशेष रूप से कार्यालय जाने वाले कर्मचारी, छात्र, महिलाएं और बुजुर्ग यात्रियों को अतिरिक्त किराया देने के लिए मजबूर होना पड़ता था। लोगों का मानना है कि इस कार्रवाई से यात्रियों को राहत मिलेगी।
हालांकि कुछ ऑटो और ई-रिक्शा चालकों का कहना है कि बढ़ती महंगाई, ईंधन की कीमतों और रखरखाव खर्च के कारण उनकी आय पर असर पड़ा है। उनका तर्क है कि किराया दरों की समय-समय पर समीक्षा होनी चाहिए ताकि चालक और यात्री दोनों के हितों का संतुलन बना रहे। फिर भी उन्होंने यह स्वीकार किया कि नियमों का पालन सभी के लिए आवश्यक है।
परिवहन विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। यदि किराया निर्धारण की व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू होती है तो इससे यात्रियों का विश्वास बढ़ेगा और परिवहन सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। विशेषज्ञों का यह भी सुझाव है कि सभी ऑटो और ई-रिक्शा में किराया सूची स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जानी चाहिए ताकि यात्रियों को सही जानकारी मिल सके।
डीटीओ उपेन्द्र कुमार पाल ने कहा कि अभियान का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी चालकों से अपील की कि वे निर्धारित किराये का पालन करें और यात्रियों के साथ शिष्ट व्यवहार करें। उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
परिवहन विभाग का मानना है कि यदि यह अभियान सफल रहता है तो भविष्य में इसे और व्यापक बनाया जा सकता है। इसके तहत अन्य परिवहन सेवाओं की भी निगरानी की जा सकती है। विभाग लगातार प्राप्त शिकायतों और फीडबैक के आधार पर अपनी रणनीति तैयार करेगा।
फिलहाल राजधानी पटना में मंगलवार से शुरू होने वाला यह विशेष अभियान चर्चा का विषय बना हुआ है। आम लोग उम्मीद कर रहे हैं कि इससे मनमाने किराये की समस्या पर अंकुश लगेगा और उन्हें राहत मिलेगी। वहीं ऑटो और ई-रिक्शा चालकों को भी नियमों के अनुसार कार्य करने की चेतावनी मिल गई है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि परिवहन विभाग का यह अभियान जमीन पर कितना प्रभावी साबित होता है और इससे यात्रियों को कितनी राहत मिलती है।