प्रेमी से शादी की जिद पर अड़ी 10वीं की छात्रा, इनकार पर जहर खाकर आत्महत्या का प्रयास; मां बेटी को लेकर पहुंची थाने, पुलिस ने शुरू की काउंसलिंग
मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के मिठनपुरा थाना क्षेत्र से एक भावुक और चिंताजनक मामला सामने आया है। यहां एक 10वीं कक्षा की छात्रा अपने प्रेमी से शादी करने की जिद पर अड़ गई। परिवार द्वारा उसकी उम्र और पढ़ाई का हवाला देते हुए शादी से इनकार किए जाने के बाद छात्रा ने कथित तौर पर जहर खाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। समय रहते परिजनों ने उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां उपचार के बाद उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
घटना के बाद छात्रा की मां उसे लेकर मिठनपुरा थाना पहुंची और पुलिस से मदद की गुहार लगाई। पुलिस ने मामले को संवेदनशील मानते हुए दोनों पक्षों की काउंसलिंग शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य परिवार और छात्रा के बीच संवाद स्थापित कर स्थिति को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाना है।
शादी की जिद से बढ़ा पारिवारिक विवाद
जानकारी के अनुसार छात्रा पिछले कुछ समय से एक युवक के संपर्क में थी। दोनों के बीच प्रेम संबंध होने की बात सामने आई है। छात्रा अपने प्रेमी से जल्द शादी करना चाहती थी, जबकि परिवार का कहना था कि वह अभी नाबालिग है और उसकी पहली प्राथमिकता पढ़ाई होनी चाहिए।
इसी बात को लेकर घर में लगातार विवाद होने लगा। परिजनों ने छात्रा को समझाने की कोशिश की कि कम उम्र में शादी उसके भविष्य को प्रभावित कर सकती है, लेकिन वह अपनी जिद पर कायम रही।
कथित तौर पर जहर खाकर किया आत्महत्या का प्रयास
परिवार के अनुसार शादी से इनकार किए जाने के बाद छात्रा ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खा लिया। उसकी तबीयत बिगड़ने पर परिजन तुरंत उसे अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी जान बचा ली।
अस्पताल सूत्रों के अनुसार समय पर इलाज मिलने से छात्रा की स्थिति में सुधार हुआ और फिलहाल वह खतरे से बाहर बताई जा रही है।
मां बेटी को लेकर पहुंची थाने
घटना के बाद छात्रा की मां उसे लेकर मिठनपुरा थाना पहुंची। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले में हस्तक्षेप करने और बेटी को समझाने में मदद करने की अपील की।
पुलिस अधिकारियों ने मामले को गंभीर और संवेदनशील मानते हुए परिवार तथा संबंधित पक्षों से बातचीत शुरू की।
पुलिस ने शुरू की काउंसलिंग
मिठनपुरा थाना पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में केवल कानूनी पहलू ही नहीं, बल्कि सामाजिक और मनोवैज्ञानिक पक्ष भी महत्वपूर्ण होते हैं।
इसी कारण पुलिस ने छात्रा, उसकी मां और संबंधित लोगों की काउंसलिंग शुरू कराई है ताकि सभी पक्षों के बीच बेहतर संवाद स्थापित हो सके और कोई कठोर कदम दोबारा न उठाया जाए।
नाबालिग की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि छात्रा नाबालिग है, तो कानून के अनुसार उसकी सुरक्षा और हित सर्वोच्च प्राथमिकता है।
अधिकारियों ने कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और सभी आवश्यक कानूनी तथा सामाजिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी।
परिवार ने पढ़ाई जारी रखने की अपील की
परिजनों का कहना है कि उनकी बेटी पढ़ाई में अच्छी है और वे चाहते हैं कि वह अपनी शिक्षा पूरी करे। उनका मानना है कि कम उम्र में शादी करने का फैसला उसके भविष्य को प्रभावित कर सकता है।
परिवार ने पुलिस और समाज के लोगों से भी बेटी को समझाने में सहयोग की अपील की है।
विशेषज्ञों ने संवाद की आवश्यकता बताई
शिक्षा और बाल संरक्षण से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि किशोरावस्था में भावनात्मक निर्णय सामान्य हो सकते हैं, लेकिन ऐसे समय में परिवार, शिक्षकों और परामर्शदाताओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि डांट-फटकार के बजाय संवाद, सहानुभूति और पेशेवर काउंसलिंग से ऐसे मामलों का बेहतर समाधान निकाला जा सकता है।
पुलिस की अपील
पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों के साथ खुलकर संवाद करें और उनकी भावनाओं को समझने का प्रयास करें।
साथ ही युवाओं से भी आग्रह किया गया है कि किसी भी भावनात्मक तनाव की स्थिति में आत्मघाती कदम उठाने के बजाय परिवार, शिक्षकों या भरोसेमंद लोगों से बात करें और सहायता लें।
जांच जारी
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध तथ्यों और सभी संबंधित पक्षों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मामले में प्राथमिकता छात्रा की सुरक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य को ध्यान में रखते हुए समाधान निकालने की है।
मुजफ्फरपुर के मिठनपुरा थाना क्षेत्र की यह घटना एक बार फिर इस बात की ओर संकेत करती है कि किशोरावस्था में उत्पन्न भावनात्मक और पारिवारिक विवाद कितने संवेदनशील हो सकते हैं। समय पर चिकित्सकीय सहायता और पुलिस की काउंसलिंग पहल से स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि परिवार, छात्रा और संबंधित पक्ष आपसी संवाद और समझदारी से इस मामले का शांतिपूर्ण समाधान कैसे निकालते हैं।