अप्रेंटिसशिप एंबेडेड डिग्री प्रोग्राम को नहीं मिल रहा छात्रों का अपेक्षित साथ, आवेदन प्रक्रिया धीमी

मुजफ्फरपुर। विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के साथ-साथ रोजगार का व्यावहारिक अनुभव और पढ़ाई के दौरान कमाई का अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किए गए अप्रेंटिसशिप एंबेडेड डिग्री प्रोग्राम (Apprenticeship Embedded Degree Programme-AEDP) को फिलहाल छात्रों का अपेक्षित समर्थन नहीं मिल रहा है। चार वर्षीय इस नए डिग्री कार्यक्रम के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हुए कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन आवेदन करने वाले विद्यार्थियों की संख्या उम्मीद से काफी कम है।

स्थिति यह भी है कि जिन छात्रों ने ऑनलाइन आवेदन किया है, उनमें से आधे से अधिक ने अभी तक आवेदन शुल्क जमा नहीं कराया है। इससे यह संकेत मिल रहा है कि विद्यार्थी इस नए पाठ्यक्रम को लेकर अभी पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं या फिर इसके बारे में पर्याप्त जानकारी उनके पास नहीं पहुंच पाई है।

पढ़ाई के साथ कमाई का उद्देश्य

नई शिक्षा व्यवस्था के तहत शुरू किया गया अप्रेंटिसशिप एंबेडेड डिग्री प्रोग्राम इस सोच पर आधारित है कि छात्र केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रहें, बल्कि पढ़ाई के दौरान उद्योगों और संस्थानों में व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्राप्त करें। इस व्यवस्था के माध्यम से विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ कार्यस्थल का अनुभव मिलता है और कई मामलों में उन्हें स्टाइपेंड या अन्य आर्थिक सहायता भी प्राप्त हो सकती है।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के कार्यक्रम छात्रों को नौकरी के लिए बेहतर तरीके से तैयार करते हैं। उद्योगों की जरूरत के अनुसार कौशल विकसित होने से डिग्री पूरी करने के बाद रोजगार मिलने की संभावना भी बढ़ जाती है।

आवेदन प्रक्रिया में सुस्ती

हालांकि इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम की शुरुआत बड़े उद्देश्य के साथ की गई है, लेकिन आवेदन प्रक्रिया में अपेक्षित उत्साह दिखाई नहीं दे रहा है। ऑनलाइन पोर्टल खुलने के कई दिनों बाद भी आवेदन की संख्या सीमित बनी हुई है।

इसके अलावा, जिन विद्यार्थियों ने आवेदन किया है, उनमें से बड़ी संख्या ने अभी तक आवेदन शुल्क जमा नहीं किया है। इससे यह संभावना भी जताई जा रही है कि कई छात्र अभी अंतिम निर्णय लेने की स्थिति में नहीं हैं और विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।

छात्रों की झिझक के संभावित कारण

शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों का मानना है कि नए कार्यक्रम को लेकर छात्रों के बीच जागरूकता की कमी एक बड़ा कारण हो सकती है। चूंकि यह पारंपरिक स्नातक पाठ्यक्रमों से अलग व्यवस्था है, इसलिए कई विद्यार्थी और उनके अभिभावक इसकी संरचना, मान्यता, रोजगार की संभावनाओं और भविष्य को लेकर स्पष्ट जानकारी चाहते हैं।

इसके अलावा, कई छात्र पहले से प्रचलित तीन वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रमों या अन्य व्यावसायिक कोर्स को प्राथमिकता दे रहे हैं। कुछ विद्यार्थी यह भी समझना चाहते हैं कि चार वर्षीय कार्यक्रम पूरा करने के बाद उन्हें किस प्रकार के करियर अवसर मिलेंगे।

अभिभावकों के मन में भी सवाल

केवल विद्यार्थी ही नहीं, बल्कि अभिभावकों के मन में भी इस नए कार्यक्रम को लेकर कई प्रश्न हैं। वे जानना चाहते हैं कि यह डिग्री पारंपरिक स्नातक डिग्री की तुलना में कितनी उपयोगी होगी, अप्रेंटिसशिप की व्यवस्था किस प्रकार होगी और छात्रों को मिलने वाला व्यावहारिक अनुभव भविष्य में किस तरह लाभदायक साबित होगा।

शिक्षाविदों का मानना है कि जब तक इन सवालों का स्पष्ट उत्तर व्यापक स्तर पर नहीं दिया जाएगा, तब तक छात्रों की भागीदारी अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाएगी।

रोजगार उन्मुख शिक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

विशेषज्ञों का कहना है कि अप्रेंटिसशिप एंबेडेड डिग्री प्रोग्राम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के उस उद्देश्य को आगे बढ़ाता है, जिसमें शिक्षा को रोजगार और कौशल विकास से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया है।

इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों को उद्योगों के साथ सीधे जुड़ने का अवसर मिलता है। इससे वे वास्तविक कार्यस्थल की चुनौतियों को समझते हैं और अपने कौशल को बेहतर बना सकते हैं। भविष्य में यह अनुभव रोजगार पाने में उनके लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

जागरूकता बढ़ाने की जरूरत

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस कार्यक्रम की सफलता के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाना आवश्यक है। कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और संबंधित संस्थानों को छात्रों और अभिभावकों के बीच इस कोर्स की विशेषताओं, लाभों और भविष्य की संभावनाओं की जानकारी पहुंचानी चाहिए।

यदि विद्यार्थियों को यह समझाया जाए कि इस कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें डिग्री के साथ व्यावहारिक अनुभव और उद्योगों से जुड़ने का अवसर मिलेगा, तो आवेदन संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है।

आने वाले दिनों में बढ़ सकती है आवेदन संख्या

हालांकि आवेदन की शुरुआती गति धीमी रही है, लेकिन शिक्षा क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों को उम्मीद है कि आवेदन की अंतिम तिथि नजदीक आने पर अधिक विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं। भारत में अक्सर देखा गया है कि बड़ी संख्या में छात्र अंतिम दिनों में आवेदन प्रक्रिया पूरी करते हैं।

यदि आने वाले दिनों में जागरूकता अभियान तेज किया जाता है और छात्रों की शंकाओं का समाधान किया जाता है, तो इस कार्यक्रम को अपेक्षित प्रतिक्रिया मिल सकती है।

अप्रेंटिसशिप एंबेडेड डिग्री प्रोग्राम छात्रों को पढ़ाई के साथ व्यावहारिक अनुभव और कमाई का अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। हालांकि फिलहाल इस चार वर्षीय कार्यक्रम को छात्रों का अपेक्षित समर्थन नहीं मिल पाया है और आवेदन प्रक्रिया अपेक्षाकृत धीमी बनी हुई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि उचित जानकारी, प्रभावी प्रचार-प्रसार और छात्रों की शंकाओं के समाधान के माध्यम से इस कार्यक्रम के प्रति विश्वास बढ़ाया जा सकता है। यदि ऐसा होता है, तो आने वाले समय में यह कोर्स रोजगार उन्मुख उच्च शिक्षा का एक महत्वपूर्ण विकल्प बन सकता है।